वो ब्रेस्टफीडिंग नहीं थी... मंदाकिनी ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ के सीन पर तोड़ी चुप्पी, बताया कैसे हुआ था शूट
मंदाकिनी ने 16 की उम्र में शूट किया था 'राम तेरी गंगा मैली' का विवादित सीन
Ram Teri Ganga Maili : 1980 के दशक में अपनी खूबसूरती और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मंदाकिनी एक बार फिर चर्चा में हैं। राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से रातोंरात स्टार बनीं मंदाकिनी ने फिल्म के उन सीन्स को लेकर खुलकर बात की है, जिनकी चर्चा आज भी होती है। खासतौर पर झरने वाले सीन और कथित ब्रेस्टफीडिंग सीन को लेकर एक्ट्रेस ने कई अहम बातें बताई हैं।
16 साल की उम्र में शुरू किया था फिल्म का सफर
मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने 'राम तेरी गंगा मैली' की शूटिंग शुरू की थी, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी। यह राज कपूर के निर्देशन में बनी आखिरी फिल्म थी। फिल्म में मंदाकिनी ने गंगा का किरदार निभाया, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान राज कपूर का व्यवहार बेहद सहज और पारिवारिक था। उन्हें झरने वाले सीन में कुछ भी अश्लील या असहज महसूस नहीं हुआ।
झरने वाले सीन को लेकर क्या बोलीं मंदाकिनी?
फिल्म के गाने 'तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें' में सफेद साड़ी में मंदाकिनी का झरने वाला सीन काफी चर्चित हुआ था। एक्ट्रेस ने बताया कि राज कपूर ने उन्हें सीन के बारे में समझाया था। शूटिंग के दौरान जब उन्हें थोड़ा असहज महसूस हुआ तो उन्होंने साड़ी को डबल कर लिया और फिर सीन शूट किया गया। मंदाकिनी के मुताबिक, फिल्म का पूरा विचार गंगा की पवित्रता और उसे 'अपवित्र' करने की कोशिश के इर्द-गिर्द था। उनका कहना है कि उस सीन में उन्हें किसी तरह की अश्लीलता महसूस नहीं हुई।
'ब्रेस्टफीडिंग सीन' पर भी किया बड़ा खुलासा
मंदाकिनी ने फिल्म के कथित ब्रेस्टफीडिंग सीन को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वास्तव में कोई ब्रेस्टफीडिंग नहीं हुई थी। कैमरा एंगल और बच्चे को शरीर के पास रखने के तरीके से ऐसा नजर आया, जैसे वह बच्चे को दूध पिला रही हों। उन्होंने बताया कि सीन में वह बच्चे को गोद में लेकर बेहद करीब रखे थीं, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं हुआ था।
ऑफर मिले, लेकिन सीन दोहराने से किया इनकार
मंदाकिनी ने यह भी बताया कि फिल्म की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाला सीन दोबारा करने को कहा था। हालांकि, उन्होंने मना कर दिया। उनका मानना था कि किसी फिल्म की सफलता सिर्फ एक चर्चित सीन से नहीं, बल्कि उसकी कहानी, ट्रीटमेंट और निर्देशक के संदेश से तय होती है। 'राम तेरी गंगा मैली' की सफलता के बाद मंदाकिनी ने मिथुन चक्रवर्ती, गोविंदा समेत कई बड़े सितारों के साथ काम किया और 1980-90 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई।

