Night Leg Pain : बिस्तर पर लेटते ही क्यों बढ़ जाता है पैरों और उंगलियों में दर्द? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
दिनभर ठीक, लेकिन रात में बढ़ जाती है परेशानी
Night Leg Pain : कई लोग दिनभर सामान्य रहते हैं, लेकिन जैसे ही रात होती है, पैरों, एड़ियों या उंगलियों में दर्द और बेचैनी बढ़ने लगती है। कभी ऐंठन होती है तो कभी जलन या झनझनाहट महसूस होती है। यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि शरीर का एक संकेत भी हो सकता है। अगर दर्द बार-बार हो रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।
रात में दर्द बढ़ने की क्या है वजह?
दिनभर चलने-फिरने के बाद पैरों की मांसपेशियां थक जाती हैं। रात में शरीर आराम की स्थिति में आता है, जिससे दर्द का एहसास ज्यादा होने लगता है। इसके अलावा रात के समय बाहरी एक्टिविटी कम होने से दिमाग का ध्यान दर्द की ओर ज्यादा जाता है। यही कारण है कि दिन में हल्का दर्द भी रात में ज्यादा महसूस हो सकता है।
इन समस्याओं की वजह से भी हो सकता है दर्द
रात में पैरों या उंगलियों का दर्द कई हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है। इनमें विटामिन B12 या विटामिन D की कमी, कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी, नसों पर दबाव, डायबिटीज, गठिया (आर्थराइटिस), खराब ब्लड सर्कुलेशन और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी स्थितियां शामिल हैं। कुछ लोगों में लंबे समय तक खड़े रहने या गलत जूते पहनने से भी रात में दर्द बढ़ जाता है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
अगर दर्द के साथ पैरों में सूजन, सुन्नपन, तेज जलन, बार-बार ऐंठन या चलने में परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार कई दिनों तक दर्द बना रहे या हर रात बढ़े, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
दर्द से राहत पाने के आसान उपाय
-रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखें या हल्की मसाज करें।
-दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें, ताकि शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल की कमी न हो।
-नियमित स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज भी मांसपेशियों को आराम देती है।
-आरामदायक जूते पहनना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े रहने से बचना भी फायदेमंद हो सकता है।
दर्द बार-बार हो तो डॉक्टर से मिलें
अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है, रात की नींद खराब कर रहा है या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो खुद दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। सही समय पर जांच कराने से बीमारी का पता जल्दी चल सकता है और इलाज भी आसान हो जाता है।

