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भूमि पेडनेकर का छलका दर्द, कहा- जब 'भीड़' और 'अफवाह' जैसी फिल्मे बेहतर प्रदर्शन नहीं करती तो दिल दुखता है

अगर आप अच्छी कथावस्तु और अच्छी फिल्मों का निर्माण चाहते हैं, तो आपको वह फिल्में देखनी होंगी

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अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि जब अच्छी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन नहीं करती तो दिल दुखता है। अभिनेत्री का मानना है कि इसकी कुछ जिम्मेदारी दर्शकों की भी है, क्योंकि उनकी प्रतिक्रिया ही यह तय करती है कि अगली फिल्म किस तरह की बनाई जाएगी। 'भीड़' और 'अफवाह' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए भूमि ने कहा कि योग्य आवाजों को कहानियां बताने का अवसर नहीं मिल रहा।

आलोचकों द्वारा सराही गई 'भीड़' और 'अफवाह' जिनमें महामारी व प्रवासी संकट जैसे मुद्दों के साथ-साथ 'फेक न्यूज' की समस्या को उठाया गया था, सिनेमाघरों में टिक नहीं पाईं। भूमि ने साक्षात्कार में कहा कि जब 'भीड़' और 'अफवाह' जैसी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं करतीं तो वाकई दिल दुखता है। 'भीड़' के पास एक प्लेटफ़ॉर्म (ओटीटी) है। यह जिम्मेदारी केवल फिल्म निर्माता की नहीं, बल्कि दर्शकों की भी है।

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अगर आप अच्छी कथावस्तु और अच्छी फिल्मों का निर्माण चाहते हैं, तो आपको वह फिल्में देखनी होंगी। अगर आप वह फिल्में नहीं देखते, तो ऐसी फिल्में नहीं बनेंगी। यह कुछ वैसा ही है जैसे, पहले मुर्गी आई या अंडा? मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। जो मैं जानती हूं, वह यह है कि अगर आपको बेहतर काम चाहिए, तो आपको छोटी फिल्मों का समर्थन करना होगा।

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अभिनेत्री के अनुसार, फिल्मों को लेकर होने वाली बातचीत अब केवल उनके शुक्रवार के आंकड़ों (फिल्म का पहले दिन का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन) तक ही सीमित रह गई है। भूमि ने कहा, "...जो फिल्में पहले 'दर्शकों द्वारा आपस में की गई सराहनाओं' से चलती थीं, अब ये सब कहां हैं? अब हर चीज का फैसला शुक्रवार के आंकड़े करते हैं। हर फिल्म के पास 8, 12 या 20 करोड़ रुपये कमाने की क्षमता नहीं होती, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि वह फिल्म खराब है? नहीं।"

'दर्शकों द्वारा आपस में की गई सराहना' हमारे फिल्मों का एक पूरा हिस्सा हुआ करती थी, जो अब पूरी तरह से गायब हो गया है। इसीलिए मुझे लगता है कि इतनी अच्छी फिल्में और नई आवाज़ों को अवसर नहीं मिल पाते। मुझे लगता है कि ऐसा सिर्फ फिल्म '12वीं फेल' के साथ हुआ, क्योंकि इसके निर्माता इस फिल्म के प्रति इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने कहा, 'हम इसे सिनेमाघर में प्रदर्शित करें और फिर देखेंगे क्या होता है। भूमि ने कहा कि किरण राव द्वारा निर्देशित फिल्म 'लापता लेडीज' को भी ओटीटी पर प्रदर्शित होने के बाद ही लोकप्रियता मिली। जब यह प्रदर्शित हुई, तो इसमें नए लोग थे... यह एक बहुत ही खूबसूरत फिल्म है।

(टिकट खिड़की पर) शुरुआत अच्छी नहीं होने के कारण इसे असफल करार दे दिया गया। इस सवाल पर कि 'धुरंधर' जैसी केवल बड़ी फिल्में ही सिनेमाघर में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, पर भूमि ने कहा कि उन्हें आदित्य धर की फिल्म बहुत पसंद आई, जिसने वैश्विक स्तर पर 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। उन्होंने हमेशा हर तरह की फिल्में करने का प्रयास किया है, चाहे वह 'सोनचिरिया' जैसी विशिष्ट शैली की फिल्म हो या 'पति पत्नी और वो' जैसी व्यावसायिक फिल्म।

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