भरोसे पर नहीं जानकारी पर टिका है आपका पैसा : BSE CRO Kamla Kantharaj
बीएसई (BSE) की बड़ी बातें- निवेश, फ्रॉड और फ्यूचर प्लानिंग
आज जब सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े दावों की भरमार है और रोज़ाना सैकड़ों लोग इस मायाजाल में फंस रहे हैं, तब अपनी पूंजी को कहीं भी लगाने से पहले सजग रहने की बहुत जरूरत है ( Said BSE CRO Kamla Kantharaj )। निवेश यानी कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले यह जानना अहम हो जाता है कि क्या हमारा पैसा सच में सुरक्षित है या सिर्फ भरोसे के सहारे लगा हुआ है?
ऐसे ही सवालों का जवाब तलाशने के लिए जब मीडिया प्रतिनिधियों ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का दौरा किया, तो बीएसई की चीफ रेगुलेटरी ऑफिसर (सीआरओ) कमला कंथाराज ने निवेश, धोखाधड़ी और भविष्य की वित्तीय योजना पर ऐसी बातें साझा की जो हर आम आदमी को जाननी चाहिए।
सोशल मीडिया फ्रॉड : सबसे बड़ा खतरा- BSE CRO Kamla Kantharaj
सीआरओ कमला ने पीआईबी मुंबई और चंडीगढ़ के साथ आए मीडिया डेलीगेशन से अपील की कि वे आम लोगों, खासकर छोटे निवेशकों को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि लोगों को यह जानना बेहद जरूरी है कि 12 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का दावा करने वाले अधिकतर प्लेटफॉर्म फ्रॉड होते हैं और बेहद जोखिम भरे हैं। आज जो व्हाटसएप, टेलीग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और फेसबुक के अलावा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे तथाकथित इंवेस्टमेंट चैनल के कारण लोग अपनी जीवन भर की पूंजी गंवा रहे हैं।
निवेशकों के लिये अलर्ट
बीएसई की वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आम निवेशकों द्वारा की जाने वाली कुछ गलतियां रोज़ देखने को मिलती हैं। उनमें सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग अपना सारा पैसा एक ही जगह या एक ही समय पर निवेश कर देते हैं। उन्होंने निवेश को लेकर कुछ बेहद सरल लेकिन अहम सुझाव दिए कि सोच-समझकर पैसा निवेश करें, जल्दबाज़ी में फैसले न लें।
- सारा पैसा निवेश करना ज़रूरी नहीं, कुछ रकम बचाकर रखना भी उतना ही अहम है।
- निवेश हमेशा अपनी क्षमता और ज़रूरतों को ध्यान में रखकर करें, कर्ज लेकर पूंजी लगाना दोहरा जोखिम भरा है।
- जोखिम को कम करने के लिए डाइवर्सिफिकेशन ज़रूरी है
- -गारंटिड प्रोफिट, श्योर शॉर्ट टिप्स कुछ नहीं
- कोई भी वैध निवेश 12 फीसदी से ऊंचा रिटर्न नहीं देता
महिलाओं के लिए खास सलाह : गोल्ड में निवेश, पर सीमित
सीआरओ कमला कंथाराज ने महिलाओं को निवेश के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मौजूदा समय सोने में निवेश के लिए अनुकूल है लेकिन निवेश छोटी राशि में ही करें। उनका कहना था कि निवेश का मकसद जोखिम लेना नहीं, बल्कि जोखिम को समझदारी से नियंत्रित करना होना चाहिए।
आम लोगों की रोज़ की जाने वाली बड़ी गलतियां-BSE CRO Kamla Kantharaj
बीएसई ने उन गलतियों की ओर भी ध्यान दिलाया, जो हर नौकरीपेशा और आम व्यक्ति अक्सर करता है। अधिकारियों ने बताया कि सबसे आम गलती जो हम करते हैं, वह है
-अपनी संपत्ति और सेविंग का पूरा रिकॉर्ड न रखना।
-निवेश तो करना, लेकिन वसीयत और नॉमिनी न बनाना
-भविष्य की योजना को 'कल देखेंगे' पर छोड़ देना
करोड़ों रुपये लावारिस क्यों?
कमला कंथाराज के अनुसार- बैंकों में करोड़ों रुपये बिना दावेदार के पड़े हैं, ईपीएफओ (EPFO) में भी बड़ी रकम इसलिए फंसी है क्योंकि इसके असली दावेदार जागरुक नहीं थे। उन्होंने आम निवेशकों वाली गलतियां की। लिहाज़ा उन पैसों का कोई नॉमिनी (Nominee) नहीं, कोई वसीयत नहीं मिली और कोई अधिकृत दावेदार नहीं। लोग निवेश करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि उनके बाद पैसा किसे मिलेगा। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को वसीयत बनानी चाहिए। हर खाते और निवेश में नॉमिनी दर्ज होना चाहिए, उसे अपडेट भी करते रहें। सेविंग और संपत्ति का पूरा विवरण डायरी, जनरल फाइल या ई-दस्तावेज़ में सुरक्षित रखा जाए। लिखित या डिजिटल रिकॉर्ड बेहद अहम है।
BSE CRO Kamla Kantharaj ने बच्चों के लिए ‘एक करोड़ का मूलमंत्र’ दिया
सीआरओ ने अभिभावकों को भी एक सरल लेकिन प्रभावी मंत्र दिया कि-बच्चों को रोज़ पिज़्ज़ा और कोल्ड ड्रिंक की आदत छोड़ना सिखाइए। वही पैसा जमा यानी सेव करने की आदत डालिए। अगर यह अनुशासन बना रहा, तो 30 साल की उम्र तक खाते में एक करोड़ रुपये होना मुश्किल नहीं है। उनका मानना है कि वित्तीय अनुशासन (financial discipline) अगर बचपन में आ जाए, तो भविष्य अपने-आप सुरक्षित हो जाता है।
उन्होंने संदेश दिया कि निवेश भरोसे पर नहीं, जानकारी, जागरूकता और अनुशासन पर टिकता है इसलिये लालच नहीं, समझदारी दिखाएं क्योंकि मौजूदा दौर में समझदारी से निवेश करना जरूरी है।
(Senior Tribune journalist Kavita Raj interacted with BSE officials along with the PIB Maharashtra and Chandigarh team)
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