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कभी पॉश इलाका रहा यमुनानगर का सेक्टर 17, आज जंगल जैसे हालात

वीरान खंडहर बने असामाजिक तत्वों का अड्डा, निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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यमुनानगर के सेक्टर 17 हुड्डा स्थित खंडहर में तब्दील हो चुका पुराना हुड्डा कार्यालय भवन। -हप्र
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यमुनानगर-जगाधरी के बीचों-बीच स्थित सेक्टर 17 हुड्डा कभी इस क्षेत्र का सबसे पॉश इलाका कहलाता था, जहां भूखंड और मकान खरीदने के लिए लोगों की कतारें लगती थीं, लेकिन आज प्रशासनिक लापरवाही के चलते इस क्षेत्र के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। हुड्डा सेक्टर के प्रवेश मार्गों पर ऐसा 'जंगल' जैसा नजारा दिखाई देता है, जिसे देखकर प्रतीत होता है कि वर्षों से यहां झाड़ियों की कटाई-छंटाई और सफाई नहीं हुई है। लगभग 3,000 से अधिक मकानों और 144 से अधिक शोरूम व दुकानों वाले इस सेक्टर में प्रवेश करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो किसी घने जंगल में आ गए हों। चारों तरफ फैली घास-फूस, बेलगाम झाड़ियां और अनियंत्रित पेड़-पौधे अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।

खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में भाजपा का जिला 'कमल कार्यालय' भी स्थित है, जिसके आसपास भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। हालांकि इस कार्यालय में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का अक्सर आना-जाना लगा रहता है, लेकिन इसके बावजूद इस पॉश सेक्टर की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आता। कभी इस इलाके में हुड्डा के अपने सफाई कर्मचारी और अन्य अमला तैनात हुआ करता था, लेकिन नगर निगम यमुनानगर के अधीन आने के बाद से इस क्षेत्र की लगातार उपेक्षा हुई है। यहां कई पुरानी और जर्जर इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं, जिनका इस्तेमाल अब अनैतिक गतिविधियों के लिए होने लगा है। कभी जहां जूनियर इंजीनियर और एसडीओ बैठकर पानी के बिल जमा करते और जन समस्याएं सुनते थे, आज उन भवनों को देखने वाला कोई नहीं है। शाम ढलते ही ये वीरान इमारतें असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा बन जाती हैं।

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निवासियों व राजनीतिक नेताओं ने जताया रोष

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- हुड्डा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान देवेंद्र राणा का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर विषय पर निगम अधिकारियों को कई बार लिखित पत्र देने के साथ मौखिक रूप से भी अवगत कराया है। कभी-कभार खानापूर्ति के लिए सफाई कर दी जाती है, लेकिन ज्यादातर समय यहां जंगल जैसी ही स्थिति बनी रहती है।

- प्रदेश कांग्रेस नेता सतपाल कौशिक, डॉक्टर रमेश गर्ग और पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. केआर भारद्वाज ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इलाके में नियमित सफाई कभी नहीं होती और जल निकासी का भी कोई उचित प्रबंध नहीं है। जगह-जगह जंगली पौधे उग आए हैं और पुराने हुड्डा भवन असामाजिक तत्वों के ठिकाने बन चुके हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

- जिला शहरी कांग्रेस प्रधान देवेंद्र सिंह और जिला ग्रामीण कांग्रेस प्रधान नरपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। सेक्टर 17 ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य इलाकों की भी यही दयनीय स्थिति है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और शहर के कई हिस्से जंगलों का रूप धारण कर चुके हैं, लेकिन आमजन की सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी तैयार नहीं है।

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