परेशान ग्रामीणों ने दी आंदोलन करने की चेतावनी, 15 सदस्यीय संघर्ष कमेटी गठित
आठ साल से पंचायत व्यवस्था से बाहर जाखल की नई बस्ती
नई बस्ती के 672 मतदाताओं ने अपनी प्रशासनिक पहचान और पंचायत व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का निर्णय लिया है। बस्तीवासियों का दावा है कि वे वर्ष 2017 से पंचायत व्यवस्था से बाहर हैं और इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को मांगपत्र सौंप चुके हैं, लेकिन आज तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। रविवार को आयोजित बस्तीवासियों की एक अहम बैठक में दो टूक चेतावनी दी गई कि अब केवल कागजी मांगपत्र देकर इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
प्रशासन से बातचीत और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में जगसीर सिंह, हरिचंद गर्ग, पिंटू, विष्णु शर्मा, वीरा राम, जरनैल सिंह शालू, राम गोपाल, जन्टा सिंह, उजागर सिंह, सुखपाल शर्मा, विक्की सिंह, पूर्व पार्षद विक्रमजीत सिंह, बिहारी सिंह, सतीश शर्मा और अजय सिंह को शामिल किया गया है। बैठक में लोगों ने मांग उठाई कि नई बस्ती को या तो जाखल ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए अथवा इसे एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।
बस्ती के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो अगली बैठक बुलाकर उग्र आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस दौरान जाखल मंडी के मुख्य मार्ग पर गुरुद्वारा बस्ती मार्ग के समीप अंडरब्रिज पर धरना देने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से रखा गया।

