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'बेटियों का भी पसंदीदा खेल बना कुश्ती'

दंगल में मखाला के अशोक ने पानीपत के युद्धवीर को किया चित

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बाबैन के रामसरन माजरा में पहलवानों के हाथ मिलाकर दंगल का शुभारंभ करते राजीव गुढ़ी, ओमप्रकाश सैनी व अन्य।  -निस
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महाशिवरात्रि पर्व पर रामसरन माजरा में लगने वाला 3 दिवसीय विशाल दंगल बुधवार को संपन्न हो गया। तीसरे दिन दंगल का शुभारंभ राजीव गुढ़ी व नैब सिंह कंदौली ने पहलवानों का हाथ मिलाकर किया। सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश, फूल चंद दिल्ली, सुरेंद्र राणा, तरसेम राय, गुलशन सैनी, विकास माजरा, राजेंद्र सैनी, प्रवीण कुमार, गुलाब सिंह, बलैती राम, कर्मवीर लोहाट, सुशील कुमार, राजीव कुमार, श्याम सुन्दर पहलवान यारा के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। दंगल में पहलवानों को ग्राम पंचायत रामसरन माजरा ने नकद ईनाम, मेडल व शाॅल देकर सम्मानित किया। पहलवानों को दूध व फल की सेवा फूल चंद दिल्ली द्वारा की गई।

राजीव गुढ़ी ने कहा कि कुश्ती का खेल हमारी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का हिस्सा है। कुश्ती आज केवल पुरुषों का ही नहीं बल्कि बेटियों का भी पसंदीदा खेल बन गया है और हरियाणा से कई बेटियों ने राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन किया। एनआरआई नैब सिंह कंदौली ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर होने वाली दंगल प्रतियोगिताओं से ग्रामीण क्षेत्रों के पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि दंगल कुश्ती का अपना विशेष महत्व है, क्योंकि यह प्राचीनकाल से ही निरंतर चला आ रहा है। मखाला के अशोक ने पानीपत के युद्धवीर, पटियाला के ज्ञान ने डेरा बस्सी के भूषण को व रजत सालवन ने रवि कल्याणा को हराकर कुश्ती अपने नाम की। खुशप्रीत सैनी रामसरन माजरा, बिन्दर शामली, कर्ण कल्याणा, अमित उमरी, जंगा पाडवा, सचिन इन्द्री, प्रिंस कल्याणा, सुरेश कालाअंब, कपिल पौंटा समेत कई पहलवानों ने दंगल में कुश्ती के जौहर दिखाए।

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