डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन

डॉक्टर पर केस दर्ज करने की मांग, शव को रोड पर रख लगाया जाम

डिलीवरी के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन

करनाल में रविवार को आरोपी डाॅक्टर के खिलाफ विरोध जताते मृत्ाक के परिजन। -हप्र

करनाल, 12 सितंबर (हप्र)

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2 दिन पहले डिलीवरी के लिए दाखिल महिला रीना की बीती रात मौत के बाद लोगों ने रोष प्रदर्शन किया और शव को मेडिकल कॉलेज से बाहर लाकर रोड जाम कर दिया।

उन्होंने कहा डॉक्टर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज होने के बाद ही वे शव का अंतिम संस्कार करेंगे। परिवार के समर्थन में पहुंचे बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रामदास कर्णवाल ने कहा कि यह हत्या का मामला है और दोषी लोगों पर केस दर्ज होना चाहिए।

पीड़ित परिवार ने बताया कि रीना की मौत के बाद जब उन्होंने नवजात के बारे में पूछा तो स्टाफ ने कहा कि महिला के पेट में बच्चा नहीं था, जबकि उनके पास 9 महीनों की गर्भ रिपोर्ट है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और हत्या का आरोप लगाया।

मौके पर उनकी पुलिस से भी नोक-झोक हुई। मेडिकल स्टाफ व पुलिस पर परिवार के साथ धक्का-मुक्की करने और धमकाने के आरोप लगे। इससे पहले, शनिवार रात को उस समय तनाव और बढ़ गया जब पुलिस अधिकारियों ने बंद कमरे में डॉक्टर से जानकारी लेेने के बाद शव को बैकडोर से ले जाने का प्रयास किया। वहां पहुंचे परिवार के लोगों ने पुलिस से शव छीन लिया और रोष जाहिर करते रहे। रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे समाज के लोगों ने घंटों तक प्रदर्शन करते हुए मेडिकल स्टाफ और पुलिस पर परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।

बाद में, पुलिस के प्रयासों से अस्पताल प्रबंधन और परिजनों की मीटिंग हुई। इलाका डीएसपी ने बताया कि परिवार को फाईल दिखाई गई है।

डाॅक्टरों ने कहा है कि बच्चा महिला के पेट में ही है। पोस्टमार्टम से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टरों का पैनल मौजूद रहेगा। उन्होंने कहा कि परिवार संंतुष्ट हो गया है, लेकिन कुछ नेता उन्हें भड़का रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम की बीडियोग्राफी होनी चाहिये, जिसे पुलिस ने मान लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शव को मेडिकल कालेज में वापस ले गये। रीना के देवर रविंद्र ने कहा कि वे फूसगढ़ गांव से हैं। 2 दिन पहले रीना को डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पताल में आए थे। वहां से उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।

डाक्टरों ने पहले ब्लड की कमी बताई। फिर ऑपरेशन करने की बात कही। ऑपरेशन के परिवार के किसी सदस्य को साथ नहीं रखा गया। देर रात उन्हें कह दिया गया कि रीना की मौत हो गई है।

मामला उस समय बिगड़ गया, जब परिवार ने देखा कि रीना के गले पर कट का निशान है। रविंद्र ने कहा कि उन्होंने जब बच्चे के बारे में पूछा तो डाक्टर ने कहा कि उसके पेट में बच्चा नहीं था। परिजनों ने बताया कि रीना के मुंह से खून निकल रहा था और मुंह में रूईं ठूस दी गई। परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा शव को यहीं पर रखेंगे।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

शह-मात का खेल‌‍

शह-मात का खेल‌‍

इंतजार की लहरों पर सवारी

इंतजार की लहरों पर सवारी

पद के जरिये समाज सेवा का सुअवसर

पद के जरिये समाज सेवा का सुअवसर

झाझड़िया के जज्बे से सोने-चांदी की झंकार

झाझड़िया के जज्बे से सोने-चांदी की झंकार

बीत गये अब दिखावे के सम्मोहक दिन

बीत गये अब दिखावे के सम्मोहक दिन

जीवन पर्यंत किसान हितों के लिए संघर्ष

जीवन पर्यंत किसान हितों के लिए संघर्ष

रिश्तों की कुंडली का दशम ग्रह दामाद

रिश्तों की कुंडली का दशम ग्रह दामाद

मुख्य समाचार

30 साल पुराना फेक पुलिस एनकाउंटर : पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर को 10 साल कैद

30 साल पुराना फेक पुलिस एनकाउंटर : पंजाब पुलिस के रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर को 10 साल कैद

मामले में दो लोगों के खिलाफ दोष हुए तय, एक आरोपी की हो चुकी ...