मनरेगा को कमजोर करना गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला : सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा की सांसद सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के दावों के बीच ज़मीनी...
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा की सांसद सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के दावों के बीच ज़मीनी सच्चाई ये है कि लोगों के हाथों से काम छीना जा रहा है और रोजगार गारंटी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। सांसद सैलजा शुक्रवार को रतिया में ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं से बात कर रही थीं। उनके साथ डीसीसी प्रेजिडेंट जयपाल सिंह लाली, कांग्रेस नेता अरविंद शर्मा, मंगतराम लालवास, सुभाष बिश्नोई, सुरेंद्र वरतिया, महिला प्रधान परमजीत कौर व सुधीर गोदारा मौजूद रहे।
सैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय जब देश के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे तो मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की गई थी। इस योजना ने ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोविड महामारी व आपदा के कठिन समय में भी मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुई, लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने का काम किया है। पहले जहां गांवों में काम मांगने पर रोजगार मिलता था, अब स्थिति यह है कि राज्य सरकारों को केंद्र के पास प्रस्ताव भेजने पड़ते हैं और उसके बाद भी काम मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं रहती। भुगतान में देरी और बजट में कटौती से मजदूरों का भरोसा तोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को हटाने की सोच भी उसी मानसिकता को दर्शाती है, जबकि महात्मा गांधी का सपना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का था और मनरेगा उसी सोच का सशक्त माध्यम था। उन्होंने बताया कि मनरेगा को बचाने और केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए कांग्रेस ने सभी प्रदेशों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण के तहत कल फतेहाबाद व सिरसा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मनरेगा को कमजोर करने के मुद्दे को उठाया जाएगा। सैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और मनरेगा को खत्म करने या कमजोर करने की किसी भी कोशिश को लोकतांत्रिक तरीके से रोका जाएगा।

