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वीबी-जी राम जी कानून भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी : श्याम सिंह

कृषि मंत्री ने की प्रेस वार्ता, मनरेगा में भ्रष्टाचार व खामियों को किया उजागर

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कुरुक्षेत्र के भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा।  -हप्र
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कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 को  मुख्यमंत्री नायब सैनी मजबूती के साथ हरियाणा में लागू कर रहे हैं। ये विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून यानि वीबी-जी राम जी भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करता है। इस नये कानून से पहले की मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और खामियों को दूर किया गया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, मीडिया प्रभारी ललित माटा, संयोजक सतपाल मास्टर भी मौजूद रहे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्यदिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया था। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। ये श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरिया भरने के लिए नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

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मंत्री राणा ने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही अन्य कई योजनाओं की प्रकृति ही ऐसी होती है कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है और लागू किया जाता है और इनमें सुधार भी किया जाता है। मनरेगा के अंतर्गत कई समस्याएं सामने आईं, जैसे श्रमिकों के बजाय मशीनों का उपयोग करना, बजट का अत्यधिक अनुमान, पहले से पूर्ण की गई परियोजनाओं को दोबारा करना और ऐसी ही कई कमियां देखने को मिलीं, लेकिन आज सच्चाई यह है कि देश, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पिछले 20 वर्षों में मूल रूप से बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गरीबी वर्ष 2011-12 में जहां 25 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर लगभग 5 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। इसका अर्थ है कि वर्तमान केंद्र सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण 25 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। राणा ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।

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