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अमेरिका के साथ ट्रेड डील से कपास व टेक्सटाइल उद्योग पर पड़ेगा असर : बृजेंद्र

पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अमरीका के साथ ट्रेड डील एक गंभीर चिंता का विषय है। यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और कृषि व्यवस्था को प्रभावित करेगा। इस डील के बाद भारत...

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कुरुक्षेत्र में सद्भाव यात्रा के दौरान पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का स्वागत करते समर्थक। -हप्र
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पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अमरीका के साथ ट्रेड डील एक गंभीर चिंता का विषय है। यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और कृषि व्यवस्था को प्रभावित करेगा। इस डील के बाद भारत की कृषि प्रणाली पर बाहरी नियंत्रण बढ़ेगा। बीज, खाद्ययान और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों में विदेशी दखल बढ़ेगा जिससे देश की आत्मनिर्भरता प्रभावित होगी। ये बात कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने सद्भाव यात्रा के 138वें दिन थानेसर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में बोलते हुए कही। उन्होंने गांव अमीन, बीड़अमीन, तिगरी खालसा, कंवारखेड़ी, किरमिच व हथीरा में लोगों को संबोधित किया।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले 2 सप्ताह में जितनी कमजोर नजर आई, उतनी साढ़े 11 साल में कभी नजर नहीं आई, क्योंकि पहली बार संसद और देश के सामने कुछ ऐसे मुद्दे आ गए हैं जिस पर भाजपा के पास कोई जवाब नहीं था। इनमें 3 मुख्य मुद्दों में एपस्टीन फाइल, अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड डील और इसका कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाला प्रभाव शामिल है। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि एपस्टीन फाइल का मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भुचाल पैदा कर रहा है जिससे केन्द्र सरकार के मंत्री तक फंस गए हैं, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मजबूत नेतृत्व की छवि को लेकर जो माहौल बनाया गया था, वह अब सवालों के घेरे में है।

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अमेरिका से के साथ ट्रेड डील पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि इस डील से भारत के कपास और टेक्सटाइल उद्योग पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। भारत का टेक्सटाइल उद्योग पूरी तरह कपास पर निर्भर है और खेती के बाद सबसे से ज्यादा रोजगार इसी सेक्टर में मिलता है। इस मामले में भारत का सीधा मुकाबला बंगलादेश से है जिसका टेक्सटाइल उद्योग काफी पुराना है और मजबूत माना जाता है। बंगलादेश स्वयं कपास पैदा नहीं करता और अब तक बड़ी मात्रा में भारत से कपास खरीदता है, लेकिन नयी ट्रेड व्यवस्था में स्थिति बदल सकती है। उनके मुताबिक भारत से अमेरिका जाने वाले कपड़े पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जबकि बंगलादेश अगर अमेरिका से कपास खरीदकर कपड़ा बनाएगा तो उसका माल अमेरिका में बिना टैक्स के बिकेगा। भारत का टेक्सटाइल उद्योग कमजोर होगा, फैक्ट्रियां प्रभावित होंगी और उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को एपस्टीन फाइल, ट्रेड डील और कृषि क्षेत्र पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व मंत्री बीरेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी, उदयवीर पुनिया, सत्या शर्मा, निशी गुप्ता, कमलेश, गीतांजलि, डॉ. संतोष दहिया, प्रदीप मलिक, राकेश, रणधीर हथीरा, वीरेन्द्र सिंह, सुभाष चौहान व प्रवीण खिची मौजूद रहे।

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