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ट्रेड डील किसानों के लिए डेथ वारंट, सरकार तुरंत करे रद्द : बैंस

भाकियू चढ़ूनी ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, समझौते की प्रतियां फूंकी

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शाहाबाद तहसील कार्यालय के बाहर ट्रेड डील की प्रतियां फूंकते भाकियू नेता।   -निस
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भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर मंगलवार को किसानों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों के साथ अनाज मंडी स्थित विश्राम गृह में एकत्रित हुए किसानों ने लाडवा रोड से होते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला और वहां ट्रेड डील की प्रतियां फूंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार किसानों ने एकजुट होकर तीन कृषि कानूनों को वापस कराया था, उसी तरह इस विवादास्पद ट्रेड डील को भी रद्द करवाकर दम लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता अमेरिकी कंपनियों को भारतीय कृषि बाजार सौंपने की साजिश है, जो देश के किसान और कृषि दोनों के लिए घातक साबित होगा। ये ट्रेड डील किसानों के लिये डेथ वारंट है, इसलिये सरकार इसे तुरंत रद्द करे। कार्यकारी ब्लॉक प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा और ब्लॉक प्रधान हरकेश खानपुर ने कहा कि यह डील भुखमरी और बेरोजगारी को बढ़ावा देगी। उन्होंने मांग की कि सरकार न केवल अमेरिकी डील समाप्त करे, बल्कि एमएसपी की कानूनी गारंटी दे, किसानों को कर्जमुक्त करे और शिक्षा व चिकित्सा सेवाएं निशुल्क प्रदान करे। इस अवसर पर अर्जुन सिंह भिंडर, सुखचैन पाडलू, बलविन्द्र दामली, हाकम सूरा, जगमाल ढोलामाजरा व अर्शपाल सिंह चढ़ूनी मौजूद रहे।

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23 मार्च को पिपली में करेंगे जनक्रांति रैली

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राकेश बैंस ने घोषणा की कि इस डील के विरोध में 23 मार्च को शहीदी दिवस के अवसर पर पिपली अनाज मंडी में उत्तर भारत स्तर की 'किसान मजदूर जनक्रांति रैली' आयोजित की जाएगी। इसमें हरियाणा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड के हजारों किसान और मजदूर शामिल होंगे। रैली में ही आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

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