गीता के श्लोकों ने मानवता को दिया आध्यात्मिक ज्ञान : कृष्ण पंवार
सांध्यकालीन महाआरती में पंचायत मंत्री ने की शिरकत, चेयरमैन जस्टिस ललित बत्रा ने की आरती
पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र का एक पौराणिक और आध्यात्मिक इतिहास रहा है। इस धरा पर जहां भगवान श्रीकृष्ण ने मोह ग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया वहीं पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोंकों ने मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया है। इसके साथ-साथ अनेक महान संतों के पैर इस धरा पर पड़े, जिससे इस धरा की महता दूर-दूर तक फैली हुई है। कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार देर सायं ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इससे पहले विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस ललित बत्रा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, केयूके के रजिस्ट्रार विरेंद्र पाल, भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने पुरुषोत्तमपुरा बाग में गीता महोत्सव पर ब्रह्मसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से महाआरती का शुभारंभ भी किया।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल ने कहा कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र धरा के स्मरण मात्र से ही मनुष्य को अपने पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ-साथ ब्रह्मसरोवर का भी कुरुक्षेत्र के इतिहास में एक धार्मिक और पौराणिक इतिहास है। विभिन्न अवसरों पर इस तीर्थ के सरोवर में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। पवित्र ब्रह्मसरोवर की महाआरती से कर्म करने की शक्ति मिलती है, इस शक्ति से समाज सेवा में अपना योगदान दिया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को कर्म करने का संदेश लेने के लिए कुरुक्षेत्र की भूमि पर जरुर आना चाहिए और पवित्र ग्रंथ गीता के संदेशों को अपने जीवन में धारण करके उनका अनुसरण करना चाहिए।

