सरोवर में गिर रहे सीवरेज के पानी ने दिखाया सरस्वती महोत्सव की तैयारियों को ठेंगा
पिहोवा में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव की तैयारियां ज़ोरों-शोरों से चल रही हैं। इस सात दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए सरस्वती तीर्थ स्थल की सफाई का अभियान भी तेज़ी से जारी है। तीर्थ स्थल पर...
पिहोवा में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव की तैयारियां ज़ोरों-शोरों से चल रही हैं। इस सात दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए सरस्वती तीर्थ स्थल की सफाई का अभियान भी तेज़ी से जारी है। तीर्थ स्थल पर जहां सफाई का ध्यान रखा जा रहा है, वहीं सरस्वती नदी में आ रहे पानी की जगह पर गंदगी और काई जमी हुई है। साथ ही सीवरेज का गंदा पानी भी सरस्वती नदी में मिल रहा है, जो नदी की पवित्रता को प्रभावित कर रहा है।
प्राचीन सरस्वती तीर्थ की स्थिति और भी बदतर
सरस्वती के प्राची तट पर स्थिति और भी विकट है। यहां के घाटों में जमा गंदगी, सड़े-गले पानी और दुर्गंध श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा आस्था संकट बन गई है। यह वही स्थान है जहां नहर के माध्यम से पानी आता है, और गंदे पानी के साथ मिलकर यह जल प्रवाह सरस्वती नदी में आता है। इस समय यहां की सफाई के प्रयासों में कमी महसूस की जा रही है।
यह वही स्थान है जहां प्रत्येक दिन सैकड़ों श्रद्धालु पिंडदान करते हैं और अपने मृतक पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

