विकसित भारत के लिये हर व्यक्ति और विभाग की भूमिका अहम : श्याम सिंह
बागवानी अधिकारियों की 2 दिवसीय प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में कृषि मंत्री ने की शिरकत
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार देशवासियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी काम करती है। विकसित भारत के लिये हर व्यक्ति और हर विभाग की भूमिका अहम होगी। ये बात कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल द्वारा बागवानी विभाग व चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सहयोग से केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) करनाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय 2 दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कही।
कार्यशाला में पहुंचने पर मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को एमएचयू के माननीय कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कृषि मंत्री राणा ने कहा कि हरियाणा का क्षेत्रफल काफी छोटा है, लेकिन इसका महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि प्रदेश देश की राजधानी दिल्ली से 3 ओर से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो बजट निर्धारित किया जाता है, वो सीधे तौर पर किसानों तक पहुंचना चाहिए।
एमएचयू के अनुसंधान निदेशक डॉ. धर्मपाल चौधरी ने कार्यशाला की शुरूआत में अतिथियों, मुख्य वक्ताओं का परिचय कराया। उद्यान विभाग हरियाणा के विभागाध्यक्ष डॉ. अर्जुन सैनी ने सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डायरेक्टर जनरल उद्यान विभाग के रणबीर सिंह, चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग, सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ. आरके यादव ने भी संबोधित किया। हरियाणा स्टेट हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएसएचडीए) के मिशन निदेशक डॉ. जोगिंद्र घनघस ने कार्यक्रम में आये मुख्य अतिथि कृषि मंत्री और वैज्ञानिकों व अधिकारियों का स्वागत किया।
किसानों से मिले फीड को विभाजित कर काम में जुटा एमएचयू : मल्होत्रा
एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि कृषि मंत्री ने खेती से संबंधित जो सुझाव दिए थे, उन पर एमएचयू ने तेजी काम शुरू कर दिया है। किसान ओर ग्रामीण स्तर से फीडबैक ली गई थी, जो एमएचयू के पास आई है। उनको एमएचयू ने विभाजित कर शोध शुरू कर दिया है। कुलपति प्रो. सुरेश ने बताया कि भविष्य विभाग बनाया गया है, उसमें एमएचयू को शामिल किया है। क्रॉप के मॉडयूल तैयार कर उन्हें किसानों तक पहुंचाया जाएगा। जलवायु परितर्वन जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए एमएचयू काम कर रहा है।

