‘पुनर्वास की प्रक्रिया केवल कारावास तक सीमित न रहे’
करनाल जेल में बंदियों के लिए डेयरी उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल ने जिला जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए डेयरी उद्यमिता एवं डेयरी प्रसंस्करण विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और संवेदीकरण कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों को डेयरी क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान व व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे सजा पूरी होने के बाद स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका कमा सकें। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यातिथि के तौर पर आईसीएआर-एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल कारावास तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बंदियों को रिहाई के बाद उत्पादक जीवन के लिए तैयार करना इसका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने डेयरी व्यवसाय को व्यावहारिक विकल्प बताते हुए इसे मिशन मोड में चलाने की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सामाजिक बहिष्करण और अपराध की पुनरावृत्ति के जोखिम को कम करने में बेहद सहायक साबित होते हैं। कार्यक्रम में मौजूद संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. नितिन त्यागी व डॉ. पवन सिंह ने विभिन्न मॉड्यूल की रूपरेखा रखी। जिला जेल की ओर से उप अधीक्षक धर्म चंद और नीलम ने कार्यक्रम का समन्वय किया।

