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गीता में है विश्व शांति व सद्भावना का मार्ग : स्वामी ज्ञानानंद

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता हमें जीवन के मूल सिद्धांतों व नैतिक मूल्यों से परिचित कराती है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह मानवता को जीने का सही दर्शन सिखाती है। पवित्र ग्रंथ...

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कुरुक्षेत्र के पुरुषोतमपुरा बाग में कार्यक्रम का शुभारंभ करते स्वामी ज्ञानानंद।  -हप्र
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गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता हमें जीवन के मूल सिद्धांतों व नैतिक मूल्यों से परिचित कराती है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह मानवता को जीने का सही दर्शन सिखाती है। पवित्र ग्रंथ गीता विश्व को शांति और सद्भावना का सार्वभौमिक संदेश देती है। गीता में समाहित ज्ञान में ही विश्व शांति और सद्भावना का मार्ग निहित है। वे शुक्रवार को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित 5 दिवसीय भागवत कथा पाठ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्वलित कर व गीता पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शास्त्री संजीव कृष्ण ठाकुर द्वारा भागवत पाठ व भजनों द्वारा गीता के उपदेशों का गायन किया गया। उन्होंने कहा कि गीता हमें द्वेष, भय और मोह से मुक्त होकर समभाव से जीवन जीने की शिक्षा देती है, जो वैश्विक एकता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हमें गीता के उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

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