सैनिक की शहादत से हुई क्षति को पूरा नहीं कर सकते : श्याम सिंह
शहीद सुधीर नरवाल को हजारों लोगों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के डोडा में सड़क हादसे में शहीद शेरपुर के सुधीर नरवाल का शव शनिवार को पैतृक गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। स्थानीय नेताओं के साथ हजारों लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। बीते कल से शहीद के शव का इंतजार हो रहा था। शुक्रवार को खराब मौसम के चलते शव पैतृक गांव तक लेकर सेना नहीं पहुंच पाई। शनिवार को आर्मी के जवान राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने के लिए शेरपुर गांव पहुंचा। विलाप करती मां और पत्नी मानने को ही तैयार नहीं थी कि सुधीर नरवाल शहीद हो चुके हैं क्योंकि कुछ महीने पहले ही छुट्टी बीताकर वापस गए थे और जल्द छुट्टी आने की बात कह रहे थे।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सैनिक की शहादत से हुई क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता। सुधीर के परिवार को इस क्षति से उभरने के लिए परमात्मा मदद करे और सरकार भी परिवार के हर सहयोग के लिए तैयार है। सुधीर का परिवार हमारा परिवार है। छोटे से 7 साल के मासूम जिसे अभी दुनियादारी का भी पता नहीं, उसके सिर से पिता का साया उठ जाना अति क्षतिपूर्ण है। सुधीर के बाद अब परिवार में उसकी मां, पत्नी व 7 साल का बेटा रह गए हैं। सुधीर के पिता का कई साल पहले स्वर्गवास हो चुका है। इस मौके पर पूर्व मंत्री कंवरपाल, विधायक घनश्याम अरोड़ा, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बत्रा व एसडीएम छछरौली रोहित कुमार मौजूद रहे।

