पट्टीकल्याणा स्थित मशहूर 70 माइल स्टोन ढाबा पर रविवार दोपहर से शुरू हुआ आयकर विभाग का सर्च अभियान सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे समाप्त हुआ। करीब 30 घंटे से अधिक समय तक चली इस कार्रवाई के दौरान चंडीगढ़ से आई आयकर विभाग की टीम ने ढाबे से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच की।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब एक बजे चंडीगढ़ से आधा दर्जन आयकर अधिकारी पुलिस सुरक्षा के साथ पंजाब नंबर की निजी टैक्सियों में ढाबे पर पहुंचे और वहां सर्च अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने ढाबे के कार्यालय और रिकॉर्ड से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों की जांच की। सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे टीम ढाबे से बाहर निकली और दिल्ली की ओर रवाना हो गई। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर के नेतृत्व में चलाए गए सर्वे अभियान का हिस्सा थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ढाबा संचालक रेशम सिंह से जुड़े अन्य तीन प्रतिष्ठानों पर भी एक साथ आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे किया। इनमें मुरथल (सोनीपत), पानीपत और शाहाबाद स्थित ढाबे शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। टीम के एक अधिकारी ने केवल इतना कहा कि जो भी मामला था, वह कन्क्लूड हो चुका है, आगे की जानकारी चंडीगढ़ कार्यालय से दी जाएगी। वहीं ढाबा मालिक रेशम सिंह ने आयकर विभाग की कार्रवाई को रूटीन सर्वे बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जिन बिलों और दस्तावेजों की मांग की थी, वे सभी उपलब्ध करा दिए गए थे। रेशम सिंह का दावा है कि टीम ढाबे से कोई भी दस्तावेज अपने साथ लेकर नहीं गई। हालांकि आयकर विभाग की इस लंबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। अब इस मामले में आगे की स्थिति आयकर विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

