प्रदर्शनी में दर्शाया गुरु तेग बहादुर का जन्म से शहादत तक जीवन सफर
ज्योतिसर में जनसंपर्क विभाग की तरफ से आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में गुरु तेग बहादुर के जन्म से लेकर शहादत तक के सफर को दिखाया गया है। यह प्रदर्शनी विभाग की तरफ से गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित की गई है। प्रदर्शनी को रोजाना सैंकड़ों लोग देखने ज्योतिसर पहुंच रहे हैं। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर गुरु तेग बहादुर के चरण पड़े और इसलिए प्रदेश सरकार की तरफ से यहां शहीदी वर्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन करने शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के सैंकड़ों विद्यार्थी पहुंचे। इन विद्यार्थियों को जहां पंजाबी के शिक्षक गुरतेज सिंह समेत अन्य शिक्षक गुरु तेग बहादुर के जन्म से लेकर शहादत तक के सफर को विस्तार से बता रहे हैं। डीसी विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व को लेकर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में गुरु तेग बहादुर महाराज के जन्म, शास्त्र व शस्त्र विद्या, करतारपुर सिंह की लड़ाई, मक्खन शाह लुबाना का डूबता जहाज, गुरु महाराज की फौज, 22 मंजियां, सच्चे गुरु की घोषणा, गुरता गद्दी, चक नानकी नगर आनंदपुर साहिब, तिलक जनेऊ पर मुगलों का अत्याचार, कश्मीरी पंडितों का अनुरोध, शहादत की राह, सिद्धांतों पर अडोल-अडिग, भाई मती दास की शहादत, भाई सती दास की शहादत, भाई दयाला की शहादत, गुरु तेग बहादुर की शहादत, लक्खी शाह बंजारा और गुरु का पवित्र शीश, भाई जैता और पवित्र शीश यात्रा चांदनी चौंक दिल्ली से आनंदपुर साहिब तक को दिखाने का अनोखा प्रयास किया गया है।
