28 से सरसों खरीद का फैसला किसानों से धोखा : मैहला
हरियाणा सरकार द्वारा सरसों की खरीद 28 मार्च से शुरू करने के निर्णय के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन का आरोप है कि फसल मंडियों में आ चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद में...
हरियाणा सरकार द्वारा सरसों की खरीद 28 मार्च से शुरू करने के निर्णय के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन का आरोप है कि फसल मंडियों में आ चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद में देरी कर किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों लुटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यूनियन के प्रवक्ता बहादुर मैहला ने कहा, कि सरकार की मंशा किसानों को एमएसपी का लाभ देने के बजाय व्यापारियों को मालामाल करने की है। वर्तमान में सरसों का एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडियों में निजी व्यापारी इसे 5000 से 5200 रुपये तक खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। खरीद में देरी से किसानों को प्रति क्विंटल 1000 रुपये तक का सीधा घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहाकि यूनियन ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि सरकारी खरीद में तेजी नहीं लाई गई, तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

