100 करोड़ रुपये से बनी इमारत की निर्माण गुणवत्ता सवालों के घेरे में
यमुनानगर सिविल अस्पताल के सोलर वाटर टैंक में ब्लास्ट, एडमिन ब्लॉक की रेलिंग गिरी
एसआईटी बनी, रिपोर्ट गायब… अब सोलर एजेंसी और पीडब्ल्यूडी करेंगे जांच
यमुनानगर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बने सिविल अस्पताल की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग में मंगलवार रात करीब 1 बजे जोरदार धमाका हुआ। धमाके के कारण एडमिन ब्लॉक की भारी भरकम रेलिंग टूटकर नीचे आ गिरी, जिससे नीचे खड़ी एक सरकारी गाड़ी को भारी नुकसान पहुंचा। घटना में एडमिन ब्लॉक की कई खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि रामपुरा कॉलोनी और ग्रीन पार्क इलाके के लोग दहशत में आ गए। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बाद में पता चला कि अस्पताल की छत पर लगे सोलर पैनल सिस्टम के वॉटर टैंक में ब्लास्ट हुआ है।
यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें रात में अस्पताल में ब्लास्ट की सूचना मिली, जिसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लगे सोलर पैनल के वॉटर टैंक में विस्फोट हुआ, जिसके चलते रेलिंग नीचे गिर गई और सामने खड़ी सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों और उपायुक्त को पूरी जानकारी दे दी गई है। पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर जांच करेगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ब्लास्ट के पीछे तकनीकी खामी थी या किसी स्तर पर लापरवाही।
अब तक एक दर्जन बार गिर चुकी टाइलें
सिविल अस्पताल का निर्माण करीब 2 साल पहले पूरा हुआ था। निर्माण के बाद से अब तक करीब एक दर्जन बार अस्पताल भवन की भारी टाइलें गिर चुकी हैं। इन घटनाओं में कई मरीज घायल हुए हैं और कई वाहनों को नुकसान पहुंच चुका है। पूर्व उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक एसआईटी का गठन किया था, जिसमें पीडब्ल्यूडी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे, लेकिन उस जांच रिपोर्ट का अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका। अब सिविल सर्जन का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग, सोलर पैनल लगाने वाली एजेंसी और अन्य संबंधित टीमें संयुक्त रूप से जांच करेंगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी से भरपाई करवाई जाएगी।

