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विधानसभा कमेटी ने गांव टीक में कॉलोनी का किया दौरा

बाबू जी! हमारी बस्ती में न शौचालय, न पानी निकासी, न लाइट, आप पहले आए थे ताे कहकर गए थे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ, हम गरीबों की तरफ भी ध्यान दो साहब जी। यह कहना था...

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बाबू जी! हमारी बस्ती में न शौचालय, न पानी निकासी, न लाइट, आप पहले आए थे ताे कहकर गए थे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ, हम गरीबों की तरफ भी ध्यान दो साहब जी। यह कहना था गांव टीक में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत बनी कॉलोनी की महिलाओं का। अनुसूचित जातियों, जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के चेयरमैन भगवान दास कबीरपंथी कमेटी के अन्य सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ गांव टीक में पहुुंचे थे। चेयरमैन के साथ कालोनी पहुंचे प्रशासनिक अमले को लेकर बस्ती के लोग कमेटी के सदस्यों के पास पहुंचे और अपने सवाल दागने शुरू कर दिए। एक महिला बोली कि साहब जी! आप पहले आए थे, कहकर गए थे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आपने कहा कि हमें लिखकर दो, हमारे कागजों पर सभी के अगूंठे लगवाकर भी दिए थे। महिलाओं ने कहा कि हमारे गरीबों की तरफ भी ध्यान दो साहब जी। चेयरमैन भगवान दास कबीरपंथी ने माना कि बस्ती में बिजली, पानी यहां तक कि शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है। सभी समस्याओं को दूर कर सबका समाधान किया जाएगा। बैठक में योजनाओं की समीक्षा गांव टीक में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती का दौरा करने से पहले पहले समिति के चेयरमैन भगवान दास कबीरपंथी ने जिला सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में समिति के पांच सदस्य विधायकों एवं पूंडरी से विधायक सतपाल जांबा ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं पिछड़ा वर्ग से संबंधित योजनाओं की धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर गहन समीक्षा की। एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पीड़ितों को सहायता राशि देने और दोषियों को सजा दिलवाने बारे चर्चा की।

समिति के चेयरमैन भगवान दास ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाए। ऐसे मामलों में एफआईआर समय पर दर्ज होनी चाहिए और उसकी सूचना जिला कल्याण विभाग को तुरंत मिल जानी चाहिए। इसी प्रकार पीड़ित को मुआवजे का भुगतान निर्धारित समय के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

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बैठक के दौरान समिति ने जनवरी 2022 से जुलाई 2025 तक के मामलों में मुआवजे के वितरण और सजा की दर की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस, जिला न्यायवादी एवं जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल एवं समन्वय के साथ काम करते हुए पीड़ितों को राहत एवं न्याय दिलवाने के निर्देश जारी किए। चेयरमैन ने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी की बैठक नियमानुसार आयोजित की जाए और उसमें इन मामलों पर गहन चर्चा की जाए। जो भी रिपोर्ट तैयार की जाए वो तथ्यों एवं आंकड़ों पर आधारित होनी चाहिए। विशेष रूप से कंपोनेंट प्लान के तहत आबंटित राशि के उपयोग और लंबित आवेदनों पर चर्चा की गई। चेयरमैन भगवान दास कबीरपंथी ने कहा कि विधानसभा में कई कमेटियां गठित की गई हैं, जो अलग अलग विषयों पर काम करती हैं। इन कमेटियों को लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को लाभ जनता को मिले।

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पुलिस अधीक्षक उपासना, एडीसी डाॅ. सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा ने समिति के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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