2047 तक किसानों की आय 4 गुना करने का लक्ष्य, 20 फीसदी भूमि पर होगी जैविक खेती : श्याम सिंह
एनडीआरआई में तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं कृषि एक्सपो संपन्न
कृषि मंत्री बोले- बढ़ती आबादी और सीमित जमीन के बीच वैज्ञानिक खेती और पशुपालन ही प्रगति का आधार
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक किसानों की आय को चार गुना बढ़ाना और प्रदेश की कम से कम 20 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि पर जैविक खेती को प्रोत्साहित करना है। रविवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में आयोजित तीन दिवसीय 'राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं कृषि एक्सपो 2026' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहकर आय बढ़ाना संभव नहीं है। उन्होंने किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी और अन्य सहायक व्यवसायों को मजबूती से अपनाने की सलाह दी।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि एनडीआरआई जैसे संस्थानों द्वारा आयोजित मेले किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक कृषि उपकरणों और उन्नत नस्ल के पशुओं से परिचित कराने का बेहतरीन मंच हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बेहतर नस्ल के पशु पालकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन सीमित है और आबादी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वैज्ञानिक पद्धति अपनाना समय की मांग है। इस अवसर पर एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह, सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ. आरके यादव, गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एनएच मोहन, नाबार्ड के महाप्रबंधक गुरइकबाल सिंह और संयुक्त निदेशक डॉ. एके सिंह ने भी आधुनिक खेती और वित्तीय प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए।
विजेता पशु और किसान सम्मानित
समारोह के दौरान कृषि मंत्री ने मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता पशुपालकों और किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाई गई विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी सराहना की।

