गौवंश संरक्षण के लिए बने कठोर कानून
देसी गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर गौभक्तों, संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एसडीएम कार्यालय पर प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोवंश की घटती संख्या और वर्तमान हालात को चिंताजनक बताते हुए सख्त कानून बनाने की मांग
उठाई गई। आचार्य मणिप्रसाद गौतम, सतीश आर्य, संदीप कुमार, गोभक्त विजय, पंडित अनिल शास्त्री सहित अन्य लोगों ने मांग रखी कि केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 48 में संशोधन कर ‘केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू करे और अलग गोपालन मंत्रालय स्थापित किया जाए। राज्य स्तर पर सभी वधशालाओं के लाइसेंस रद्द कर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि हरियाणा की पहचान ‘दूध-दही का खाणा’ और समृद्ध ग्रामीण परंपरा से है, जिसमें गोवंश की अहम भूमिका रही है। कुरुक्षेत्र की पावन भूमि और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत गोसेवा से जुड़ी हुई है। ऐसे में गोवंश का संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जरूरत भी है। गोभक्तों ने बताया कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति 10 गोवंश उपलब्ध थे, जो अब घटकर प्रति 10 व्यक्ति एक रह गए हैं। ज्ञापन में देसी गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र आराध्या’ का दर्जा देने और हरियाणा में ‘राज्य माता’ घोषित करने की मांग भी उठाई गई, ताकि इसे विशेष संरक्षण मिल सके। गो तस्करी और वध को गैर-जमानती अपराध बनाकर दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान करने की मांग की गई। साथ ही पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर गोबर-गोमूत्र को जैविक खेती, औषधि और सरकारी खरीद से जोड़ने का सुझाव दिया गया।
गांव से लेकर राजमार्ग तक सुविधाएं बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला और जिला स्तर पर गो अभ्यारण्य बनाने, राजमार्गों पर गो एंबुलेंस और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की मांग की गई। स्कूलों में गो-विज्ञान को शामिल करने और चारा सुरक्षा कानून बनाकर गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की भी बात कही गई। एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने कहा कि ज्ञापन को उच्चाधिकारियों के माध्यम से कार्यालयों में भिजवा दिया जाएगा।
निगदु में विशाल रैली
नीलोखेड़ी (निस) : गाय के सम्मान और संरक्षण को लेकर सोमवार को निगदु में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। ‘गौ माता के सम्मान में पूरा हिंदुस्तान मैदान में’ के संकल्प के साथ यह रैली मुख्य बाजार से शुरू होकर विभिन्न गलियों और सडक़ों से होती हुई तहसील कार्यालय तक पहुंची, जहां लोगों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। रैली में बाबा हरिदास श्री कृष्ण गोपाल गौशाला बोहला खालसा, समाध बाबा भगवान गिरी सेवा समिति तथा गौशाला निगदु सहित कई सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भाग लिया। स्वामी कृष्णानंद पुरी ने कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला है और सरकार को गौहत्या को गंभीर अपराध मानते हुए कठोरतम सजा का प्रावधान करना चाहिए।
