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घरौंडा में आवारा कुत्तों का आतंक, तेजी से बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले

अस्पताल में रोजाना 30-40 लोग लगवा रहे रेबिज के इंजेक्शन

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घरौंडा के सरकारी अस्पताल में पीड़ित बच्चे को लेकर पहुंची महिला। -निस
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घरौंडा व आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि रोजाना कोई न कोई व्यक्ति या बच्चा कुत्तों का शिकार बन रहा है। गली, बाजार, अनाज मंडी और गांवों में घूम रहे कुत्ते अचानक आक्रामक हो रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों में डॉग बाइट के इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

शहर में 5 साल का बच्चा पंकूल कुत्ते के हमले का शिकार हुआ। पंकूल गली में खेल रहा था, तभी एक पालतू कुत्ता अचानक आक्रामक हो गया और उसकी टांग पर कई जगह स्क्रेच कर दिए। यह घटना करीब 13 फरवरी को हुई थी। पंकूल को परिजन तुरंत घरौंडा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे इंजेक्शन लगाए गए। इसके बावजूद बच्चे की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे करनाल के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। बच्चे की मां गुरमीत ने बताया कि गली में पालतू कुत्ता बच्चों के साथ खेल रहा था, लेकिन अचानक उसने पंकूल पर हमला कर दिया। टांग पर कई जगह गहरे स्क्रेच आ गए, जिससे बच्चा काफी डर गया और घायल हो गया। इसी तरह 16 फरवरी को घरौंडा शहर की मूर्ति देवी को नई अनाज मंडी में एक कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया। हमले में वह घायल हो गईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाना पड़ा। राकेश जोशी ने बताया कि उनकी माता मूर्ति देवी को कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद इलाज के लिए करनाल अस्पताल जाना पड़ा। अब वे खुद घरौंडा अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचे तो यहां पता चला कि कुत्ते के काटने से जुड़े दर्जनों मरीज रोज आ रहे हैं। राकेश जोशी का कहना है कि कुत्तों का आतंक सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी हालात बेहद खराब हैं। शहरवासियों और ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमलों को लेकर जल्द ही अधिकारियों को लिखित में ज्ञापन दिया जाएगा, ताकि लोगों को इस डर से राहत मिल सके। वहीं डिप्टी सिविल सर्जन डॉक्टर मुनेश गोयल ने बताया कि घरौंडा सीएचसी में डॉग बाइट के मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना करीब 30 से 40 मरीज रेबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। इनमें सिर्फ डॉग बाइट ही नहीं, बल्कि कैट स्क्रेच और रेट बाइट के केस भी शामिल हैं। मरीज को तय शेड्यूल के अनुसार चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं।

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नसबंदी और शेल्टर होम की तैयारी

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घरौंडा नगरपालिका के सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी, वैक्सीनेशन और डी-वॉर्मिंग को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। डॉग शेल्टर होम भी तैयार किया जा रहा है। नसबंदी करने वाली एजेंसी से अप्रूवल मिल चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, अब वर्क ऑर्डर जारी होना बाकी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनके पास पालतू कुत्ते हैं, वे उन्हें बांधकर रखें और समय पर वैक्सीनेशन जरूर करवाएं।

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