कड़ाके की ठंड में सड़कों पर घूम रहा बेसहारा गौवंश सरकार द्वारा चलाए जा रहे गौ संरक्षण अभियान की पोल खोल रहा है। सरकार व प्रशासन द्वारा सड़कों और मोहल्लों को बेसहारा पशु मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर बेसहारा गौवंश का खुलेआम घूमना सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। कई स्थानों पर अब भी गौवंश को कूड़े के ढेरों में मुंह मारते और रात के समय वहीं बैठकर ठंड काटते देखा जा सकता है। नतीजतन, कई बार भीषण सर्दी के कारण गौवंश की मौत भी हो रही है।
बुधवार सुबह कैनाल क्षेत्र में एक गौवंश की मृत्यु की सूचना मिली। गौसेवा को समर्पित संस्था मां वैष्णो सेवा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और मृत गौवंश की अंत्येष्टि की व्यवस्था की। समिति के सदस्य पीयूष वधवा, पंकज बख्शी, राजू ग्रोवर, सुनील कटारिया, योगेश गाबा, राकेश चौधरी व योगराज शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी की मदद से गौवंश को शहर से बाहर जमीन में दफन कराया। समिति सदस्यों ने बताया कि मौजूदा सर्दी के मौसम में इससे पहले भी 3–4 गौवंश ठंड के कारण दम तोड़ चुके हैं, जिनकी अंत्येष्टि संस्था द्वारा करवाई जा चुकी है। वहीं नपा सचिव डॉ. राहुल सैनी ने बताया कि शहर में बेसहारा गौवंश को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है और पकड़े गए पशुओं को गौशालाओं में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गौवंश को सड़कों पर लावारिस हालत में छोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

