संतों के सानिध्य से ही समाज को मिलती है सही दिशा : अशोक तंवर
पूर्व सांसद ने मनरेगा से गांधी का नाम हटाने पर मोदी सरकार पर कसा तंज
पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता अशोक तंवर ने कहा कि संत-महापुरुषों के आशीर्वाद से ही जीवन में सफलता और समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि घोर कलियुग में जहां अंडा-मांस, मछली और नशों का प्रचलन बढ़ रहा है तो वहीं आज भी ऐसे युवा हैं जो नववर्ष की शुरुआत सत्संग-कीर्तन से कर रहे हैं। यह संतों की ही महिमा है। पूर्व सांसद अशोक तंवर मंगलवार को समालखा के गांव शिमला गुजरान स्थित घीसा संत सतगुरु शरणम् आश्रम में संत सूरजभान दास की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इसी अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती भी मनाई गई। राहुल-प्रियंका सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबूराम कौशिक के आमंत्रण पर पहुंचे तंवर ने संत सूरजभान दास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। बागपत (उप्र) के खेकड़ा धाम आश्रम से आए संत देवेन्द्र दास के सान्निध्य में आयोजित सत्संग में 108 दिनों की खड़ी साधना करने वाले संत चन्द्रभान दास सहित धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को मंच पर पगड़ी व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
मीडिया से बातचीत में तंवर ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने से कुछ हासिल नहीं होगा। असली जरूरत इस बात की है कि गरीब, किसान और मजदूर को योजनाओं का वास्तविक लाभ कैसे मिले और देश को मजबूत राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस काम हो। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद देश जिस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए था, वह दिशा भटक गई है। इसे समझकर देशहित में आगे आना हम सबका दायित्व है।कार्यक्रम में राहुल प्रियंका सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश शर्मा, कांग्रेस नेता धर्मपाल गुप्ता, मोहकम सिंह छौक्कर, ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरि प्रकाश शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष राम रतन शर्मा व त्रिलोक शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

