भाईचारा और एकता स्थापित करती है समाज सेवा : साहब सिंह खरींडवा
श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज सुधार सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष एवं समाजसेवी साहब सिंह खरींडवा ने कहा कि दान और निस्वार्थ सेवा करना वास्तव में सर्वोच्च पुण्य कर्म हैं, जो मानसिक शांति, खुशी और आध्यात्मिक वृद्धि प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा...
श्री विश्वकर्मा पांचाल समाज सुधार सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष एवं समाजसेवी साहब सिंह खरींडवा ने कहा कि दान और निस्वार्थ सेवा करना वास्तव में सर्वोच्च पुण्य कर्म हैं, जो मानसिक शांति, खुशी और आध्यात्मिक वृद्धि प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा है कि दान मोक्ष सुख का मार्ग है, जिसे धर्म का सर्वोच्च रूप माना गया है। मनुष्य को बीमारों, बुजुर्गों, और असहायों को सहारा देकर उनके जीवन सुधारना चाहिए और सामाजिक बुराइयों-बाल विवाह, नशा और शिक्षा के अभाव जैसी कुप्रथाओं को कम करने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा समाज में फैले भेदभाव को मिटाकर भाईचारा और एकता स्थापित करती है। साहब सिंह खरींडवा एक कार्यक्रम में भाग लेने के उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कभी भी मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मनुष्य को हमेशा मानवता की सेवा करते हुए जीवन व्यतीत करना चाहिए।

