रोडवेज कर्मचारियों ने बस अड्डे पर किया प्रदर्शन, परिवहन मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्राइवेट परमिट व निजीकरण के फैसले को रद्द करने की मांग
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) डिपो कमेटी पानीपत की ओर से शुक्रवार को सरकार द्वारा सहकारी समिति के प्राइवेट परमिट के आवेदन जारी करने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। डिपो प्रधान अनिल कुंडू की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद रोडवेज कर्मियों ने परिवहन मंत्री के नाम ट्रैफिक इंचार्ज राकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
रोडवेज यूनियन के राज्य सचिव सुल्तान मलिक ने कहा कि परिवहन मंत्री ने 16 जून को हुई वार्ता के दौरान रोडवेज बेड़े के लिए 500 बसें खरीदने की बात कही थी और कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताते हुए 40 दिन में दोबारा मीटिंग का आश्वासन दिया था। लेकिन अचानक सरकार ने रोडवेज बेड़े में सरकारी बसें बढ़ाने की बजाय प्राइवेट परमिट देने शुरू कर दिए हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। यूनियन ने मांग की कि प्राइवेट परमिट व 62 रुपये 37 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से प्राइवेट इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय तथा प्रदेश के 362 रूटों पर 3648 प्राइवेट परमिट जारी करने के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही, रोडवेज बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल की जाएं ताकि करीब 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। डिपो प्रधान अनिल कुंडू व सह सचिव सुखबीर देशवाल ने बताया कि आंदोलन को तेज करने की कड़ी में शुक्रवार को सभी डिपो पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन किए गए हैं और परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजे गए हैं। प्रदर्शन के दौरान मास्टर राजवीर, देवेंद्र मलिक, तेजवीर दहिया, प्रदीप व वीरेंद्र दहिया मौजूद रहे।

