संपत्ति विवाद : भाई-भाभी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
जगाधरी के गांव बूड़िया में संपत्ति और बैंक लोन को लेकर दो भाइयों के बीच गंभीर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता विमल उप्पल ने अपने भाई उमेश उप्पल और भाभी रेनु उप्पल पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों की चोरी, बैंक अधिकारियों से...
जगाधरी के गांव बूड़िया में संपत्ति और बैंक लोन को लेकर दो भाइयों के बीच गंभीर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता विमल उप्पल ने अपने भाई उमेश उप्पल और भाभी रेनु उप्पल पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों की चोरी, बैंक अधिकारियों से मिलीभगत और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विमल उप्पल और उमेश उप्पल दोनों संयुक्त रूप से गांव बूड़िया में 13 कनाल 9 मरला क्षेत्र में स्थित औद्योगिक संपत्ति के मालिक हैं। इस संपत्ति में मेटल कारोबार से जुड़ी दो फर्में- शिव शक्ति स्ट्रिप्स और शिव शम्भू एल्युमिनियम संचालित हो रही थीं। विमल का आरोप है कि उसने पारिवारिक विश्वास के चलते कई दस्तावेजों पर बिना जांचे हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में यह पाया कि इन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया। उमेश और रेनु ने अवैध रूप से फैक्टरी में घुसकर दस्तावेज उठा लिए, कच्चा माल चोरी कर इस्तेमाल किया और फैक्टरी गेट पर ताला लगाकर विमल को बाहर कर दिया।
बैंक लोन और धोखाधड़ी का खुलासा
विमल के अनुसार उसका रिहायशी मकान एचडीएफसी बैंक में गिरवी रखा गया था, जबकि उमेश और रेनु की संपत्ति अन्य फर्म के लोन में गिरवी थी। आर्थिक संकट के दौरान दोनों भाइयों ने सहमति बनाई थी कि वे अपने-अपने लोन चुकाकर मकान को छुड़ाएंगे, लेकिन विमल ने आरोप लगाया कि उसने 1 करोड़ 5 लाख रुपये बैंक में जमा किए, फिर भी बैंक ने उसके मकान के कागजात वापस नहीं किए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उमेश और रेनु ने जानबूझकर अपनी फर्म का लोन चुकाया नहीं, जबकि उन्होंने विमल के मकान को दूसरे लोन से जोड़कर नीलामी का दबाव बनाया। विमल ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने उसे और उसके बेटे को धमकाया और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का नाम लेकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

