पिहोवा में सरस्वती तीर्थ पर पितरों की निमित्त के लिए किया पिंडदान
चैत्र चतुर्दशी मेले में 2 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
धर्मनगरी पिहोवा में चल रहे सुप्रसिद्ध चैत्र चतुर्दशी मेले के दौरान आज आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सरस्वती तीर्थ के पवित्र जल में स्नान किया और अपने पितरों के निमित्त पिंडदान व तर्पण की रस्में पूरी कीं। तीर्थ यात्रियों ने पिंडदान के पश्चात पितरों की तृप्ति के लिए पीपल के वृक्ष को जल अर्पित किया।
मान्यता है कि इससे पूर्वजों के स्वर्ग के मार्ग का अंधकार दूर होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने दरगाहीशाह मंदिर में मिट्टी के घोड़े अर्पित किए और कार्तिकेय मंदिर जाकर तेल व सिंदूर चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने तीर्थ पुरोहितों के पास जाकर अपनी वंशावली (पुरखों का रिकॉर्ड) देखी और परिवार के नए सदस्यों के नाम दर्ज करवाए। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाए गए हैं। एसडीएम अनिल कुमार, नपा सचिव अशोक कुमार और डीएसपी निर्मल सिंह ने मेला क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया।
तिथियों के भ्रम के बीच कल पंजाब से पहुंचेंगे श्रद्धालु
मेले के दौरान आज श्रद्धालुओं के बीच त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी रही। पिहोवा में चतुर्दशी तिथि को ही पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन पंजाब के कैलेंडरों के अनुसार वहां चतुर्दशी 18 मार्च को मनाई जा रही है। इस कारण पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता अभी भी जारी है और संभावना है कि कल 18 मार्च को भीड़ में और अधिक बढ़ोतरी होगी।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जगह-जगह लगाए मेडिकल कैंप
मेले में देश-विदेश से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिहोवा द्वारा मेला क्षेत्र, सरस्वती तीर्थ स्थल और शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का बीपी, शुगर, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का चेकअप किया जा रहा है।

