गन्ने की कमी के चलते पानीपत मिल बंद, आज पेराई सत्र का आखिरी दिन
शुगर मिल के पेराई सत्र का समापन अब अंतिम चरण में है। मंगलवार सुबह गन्ना विभाग के अधिकारी केन यार्ड में ट्राॅलियों का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त मात्रा में गन्ना न पहुंचने के कारण सुबह 11 बजे मिल को...
शुगर मिल के पेराई सत्र का समापन अब अंतिम चरण में है। मंगलवार सुबह गन्ना विभाग के अधिकारी केन यार्ड में ट्राॅलियों का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त मात्रा में गन्ना न पहुंचने के कारण सुबह 11 बजे मिल को बंद करना पड़ा। अब किसानों से बची-खुची ट्राॅलियों का गन्ना चैन के पास डंप किया जा रहा है, जिसकी पेराई बुधवार को अंतिम दिन की जाएगी।
शुगर मिल के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 6 बजे तक मिल 61.13 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुका था। इसके बाद सुबह 6 से 11 बजे तक मात्र 9 हजार क्विंटल गन्ने की ही पेराई हो सकी। इस पेराई सत्र के कुल 129 दिनों में अब तक मिल ने कुल 61.22 लाख क्विंटल गन्ने का लक्ष्य पूरा किया है। गन्ने की आवक कम होने पर मिल प्रबंधन ने 'नो केन' की स्थिति घोषित कर मिल बंद कर दी। मिल के एमडी नवदीप सिंह नैन ने बताया कि गन्ने की कमी के कारण मंगलवार सुबह 11 बजे मिल को बंद करना पड़ा। अब जो एकाध ट्राॅलियां आ रही हैं, उनका गन्ना डंप किया जा रहा है। बुधवार सुबह तक जितना पर्याप्त गन्ना जमा हो जाएगा, उसे चलाकर पेराई सत्र का समापन किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता है कि किसी भी किसान का गन्ना खेत में बकाया न रहे।
किसानों से अंतिम अपील : बुधवार दोपहर तक लाएं गन्ना
मिल प्रबंधन ने क्षेत्र के किसानों से विशेष अपील की है कि यदि किसी का भी गन्ना अभी बकाया है, तो वह बुधवार दोपहर तक उसे मिल में जरूर लेकर आए। एमडी नवदीप नैन ने स्पष्ट किया कि बुधवार को पेराई सत्र का आखिरी दिन होगा। जितना भी गन्ना डंप होगा, उसे 10-12 घंटे मिल चलाकर समाप्त कर दिया जाएगा ताकि किसानों को कोई नुकसान न हो।

