गन्ना पेराई और बिजली बेचने में पानीपत मिल प्रदेश में सबसे आगे
सहकारी शुगर मिल के एमडी संदीप कुमार ने कहा कि पेराई सत्र इस बार 28 नवंबर को शुरू हुआ था। मिल द्वारा मंगलवार तक 17 लाख 29 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जोकि हरियाणा के सहकारी...
सहकारी शुगर मिल के एमडी संदीप कुमार ने कहा कि पेराई सत्र इस बार 28 नवंबर को शुरू हुआ था। मिल द्वारा मंगलवार तक 17 लाख 29 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जोकि हरियाणा के सहकारी क्षेत्र के 10 शुगर मिलों और असंध में हैफेड के शुगर मिल समेत 11 शुगर मिलों में सबसे ज्यादा है। मिल मंगलवार को भी अपने पूरे लोड 50 हजार क्विंटल रोजाना पेराई क्षमता पर चल रहा है। वहीं मिल में बिजली बनाने की लगी 28 मेगावाट क्षमता की टरबाइन भी 25 मेगावाट पर चल रही है, जिसमें से 8 मेगावाट बिजली से तो शुगर मिल चल रहा है और बाकि 17 मेगावाट बिजली एचवीपीएन के नौल्था पॉवर हाउस में एक्सपोर्ट की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मिल द्वारा मंगलवार सुबह 6 बजे तक एक करोड़ 23 लाख यूनिट बिजली हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम को बेची जा चुकी है। मिल एचवीपीएन को अब तक 7 करोड़ 80 लाख रूपये की बिजली बेच चुका है और इस बार 30 करोड़ की बिजली बेचने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि प्रदेश के पानीपत, रोहतक, करनाल व शाहबाद शुगर मिलों में बिजली बनाने के लिये टरबाइनें लगी हैं और इन 4 शुगर मिलों में पानीपत मिल ने अब तक सबसे ज्यादा 1.23 करोड यूनिट बिजली बेची है। सभी सरकारी 11 शुगर मिलों में पानीपत मिल का कैपिसिटी यूटिलाइजेशन (क्षमता उपयोग) सबसे उपर नंबर वन है।

