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पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ‘स्वर-सूर्य’ : नायब सैनी

फतेहाबाद में जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने किया पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण, शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ऐसे ‘स्वर-सूर्य’ थे, जिन्होंने न...

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फतेहाबाद के गांव पीलीमंदोरी में पंडित जसराज जयंती समारोह में मुख्यमंत्री नायब सैनी, मंत्री रणबीर गंगवा, सांसद सुभाष बराला व दुर्गा जसराज। - हप्र
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फतेहाबाद में जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने किया पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण, शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ऐसे ‘स्वर-सूर्य’ थे, जिन्होंने न केवल देश बल्कि पूरे विश्व को अपनी कला से आलोकित किया। यह बयान उन्होंने फतेहाबाद जिले के गांव पीलीमंदोरी में पंडित जसराज जयंती के प्रदेश स्तरीय समारोह में दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्म विभूषण पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण किया और शहीद स्मारक पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि समारोह में आने से पहले सुबह उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई, जिन्होंने हरियाणावासियों को राम-राम कहा और पंडित जसराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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सैनी ने कहा कि पंडित जसराज केवल एक महान कलाकार नहीं थे, बल्कि स्वयं में एक जीवंत संस्था थे। पीलीमंदोरी के प्रतिष्ठित संगीत परिवार में जन्मे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कठोर साधना जारी रखी। अपने बड़े भाई पंडित मणिराम जी के मार्गदर्शन में उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को सात समंदर पार तक पहुँचाया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जसराज की साधना का परिणाम था कि हरियाणा के खेत-खलिहानों में जन्मे सुर अब अंटार्कटिका की बर्फीली ठंड तक भारतीय संगीत की ऊष्मा पहुंचाने में सफल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मां सरस्वती पंडित जसराज के कंठ में विराजमान थीं और उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को संगीत को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की चौथी वर्षगांठ का जिक्र करते हुए फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं, मधुरा और दुर्गा जसराज, की सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पंडित जसराज की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए भव्य प्रवेश द्वार, पार्क, व्यायामशाला और पुस्तकालय का निर्माण कार्य शुरू किया है।

सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती संगीत से ओत-प्रोत है और पंडित जसराज जैसे तपस्वी कलाकारों के योगदान से राग-रागनियों की समृद्ध परंपरा आज भी जीवित है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कला, संस्कृति और साहित्य के विकास के लिए अनुकूल वातावरण और विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा, “पंडित जसराज भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जब तक सृष्टि में ‘ओम’ का नाद गूंजता रहेगा, उनके सुर सदैव जीवित रहेंगे। इस अवसर पर मंत्री रणबीर गंगवा, सांसद सुभाष बराला, पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल चेयरमैन रविंद्र बलियाला, भारत भूषण मिढ़ा, पूर्व विधायक दूड़ा राम व भाजपा जिला प्रधान प्रवीण जोड़ा भी उपस्थित थे।

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