अव्यवस्थाओं के बीच धान खरीद शुरू, पोर्टल पर हजारों एकड़ फसल मिसमैच
प्रदेश की मंडियों में सरकारी खरीद का शुभारंभ: वेरिफिकेशन और उठान में देरी की आशंका से किसान परेशान
अनाज मंडियों में धान की खरीद सोमवार से शुरू हो चुकी है, लेकिन पोर्टल पर फसल का मिलान (मिसमैच) न होने के कारण अभी भी हजारों एकड़ फसल मंडी में नहीं आ पा रही है। जिन किसानों की फसल पोर्टल पर मैच हुई भी है, वह भी पूरी मात्रा में नहीं हुई है, जिसके चलते किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
किसान नेता सतपाल कौशिक ने किसानों के साथ अनाज मंडी का दौरा करने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पोर्टल वेरिफिकेशन का काम जो एक महीने पहले हो जाना चाहिए था, वह अब किया जा रहा है। इसके अलावा, अभी तक मिलरों से भी कोई एग्रीमेंट नहीं हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में धान के उठान को लेकर भारी समस्या पैदा हो सकती है।
खरीद प्रक्रिया का जायजा लेने एसडीएम विश्वनाथ, मार्केट कमेटी यमुनानगर के अध्यक्ष राकेश त्यागी और जगाधरी के चेयरमैन विपुल गोयल ने अनाज मंडी का दौरा किया और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्वीकार किया कि यमुनानगर जिले में करीब 42,000 एकड़ और अकेले जगाधरी ब्लॉक में 30,000 एकड़ में खड़ी धान की फसल अभी पोर्टल पर मिसमैच है। इस समस्या के समाधान के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनीष कंबोज ने प्रति एकड़ केवल 28 क्विंटल धान खरीदने के सरकारी नियम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को किसानों की पूरी धान खरीदनी चाहिए।
अबूबशहर में जगह का संकट और बासमती के रकबे में गिरावट
डबवाली (निस) : धान खरीद सीजन की शुरुआत के मुहाने पर खड़े डबवाली उपमंडल में किसानों को उत्पादन में करीब 20 प्रतिशत गिरावट की चिंता सता रही है, वहीं मंडियों में अधूरी व्यवस्थाओं को लेकर आढ़ती भी आशंकित हैं। उपमंडल में मुख्य यार्ड, चौटाला, अबूबशहर सब-यार्ड सहित कुल 10 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खेतों में कटाई सुस्त होने से फिलहाल आवक शून्य है, जिससे प्रशासन को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अतिरिक्त समय मिल गया है। सबसे बड़ा संकट अबूबशहर सब-यार्ड पर फंसा है, जहां हर साल औसतन पौने दो लाख क्विंटल धान की आवक होती है। यहां निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण जगह की भारी किल्लत है। आढ़तियों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत वैकल्पिक इंतजाम न हुए, तो फसल डबवाली मुख्य मंडी भेजने से शहर में जाम और अव्यवस्था फैल सकती है। सोमवार को मंडी का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम योगेश दिलहोर को इस समस्या से अवगत कराया गया। एसडीएम ने खरीद एजेंसियों (हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन) के साथ बैठक कर बारदाना, तेज तुलाई और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मार्केट कमेटी सचिव ऋषिराज यादव ने बताया कि अबूबशहर केंद्र के पास खाली जमीन की सफाई और आढ़तियों के निजी फड़ों को मंजूरी देने की प्रक्रिया जारी है। इस बार उपमंडल में धान का कुल रकबा 38,050 एकड़ से घटकर 35,830 एकड़ रह गया है। खास बात है कि गैर-बासमती पर भरोसा बढ़ने से रकबा 4,230 एकड़ बढ़कर 23,880 एकड़ हो गया है, जबकि बासमती का रकबा 6,450 एकड़ घटकर 11,950 एकड़ रह गया है।
समालखा में पीआर धान की खरीद के इंतजार में किसान
करनाल/समालखा (हप्र/निस) : करनाल की नई अनाजमंडी में मंगलवार को धान की सरकारी खरीद आधिकारिक रूप से शुरू हो गई, जिससे लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने हरियाणा राज्य अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी की दुकान नंबर 384 पर पहुंचकर धान की सरकारी खरीद का शुभारंभ किया। वहीं समालखा में मंगलवार से पीआर धान की सरकारी खरीद आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है, लेकिन समालखा मंडी में पहले दिन पीआर धान का एक दाना भी नहीं पहुंचा। मंडी में फिलहाल केवल 1509 किस्म के धान की ही आवक हो रही है, जिसकी खरीद निजी आढ़तियों द्वारा की जा रही है। मंडी सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि समालखा मंडी में अब तक 1509 धान की कुल 34,453 क्विंटल आवक दर्ज की जा चुकी है।
पोर्टल की खराबी व कम गेट पास मिलने से भड़के किसान
कुरुक्षेत्र (हप्र) : थानेसर मंडी में गेट पास न कटने से परेशान किसान ने जेब से माचिस निकालकर आत्मदाह करने की धमकी तक दे डाली। किसान ने गेट पास काटने वाले कमरे पर ताला जड़ दिया। मार्केट कमेटी के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसान को समझा शांत किया। जानकारी के अनुसार, थानेसर के गांव बारवा निवासी किसान गुरचरण सिंह करीब 6 एकड़ की धान की फसल लेकर थानेसर अनाज मंडी पहुंचा था। लेकिन, जब वह गेट पास कटवाने गया तो कर्मियों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शो न होने का हवाला देकर गेट पास काटने से मना कर दिया। इससे भड़के किसान ने गेट पास रूम को बाहर से ताला लगा दिया और करीब एक घंटे तक कमरा बंद रखा। किसान अशोक कुमार ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

