हर गांव में होगी मॉडर्न लाइब्रेरी, पंचायत देगी कमरा

डिप्टी सीएम का अाह्वान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे गांवों के युवा

हर गांव में होगी मॉडर्न लाइब्रेरी, पंचायत देगी कमरा

चंडीगढ़, 9 अगस्त (ट्रिन्यू)

अब नौकरी की तैयारी करने वाले गांवों के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश सरकार उनके लिए गांव में ही ऐसी व्यवस्था स्थापित कर देगी कि वे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने प्रदेश के हर गांव में कोचिंग सेंटर के तर्ज पर मॉडर्न लाइब्रेरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। विकास एवं पंचायत मंत्री होने के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायतों को एक कमरे का प्रबंध करना होगा।

डिप्टी सीएम ने ग्राम पंचायतों से आह्वान किया है कि वे अपने-अपने गांव में लाइब्रेरी बनाने के लिए कमरा देने का कार्य करें। राज्य सरकार वहां अपने खर्चे पर ग्रामीण परिवेश के बच्चों को मॉडर्न लाइब्रेरी बनाकर तोहफे के रूप में देगी। लाइब्रेरी में बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा के लिए कंप्यूटर, नौकरी की तैयारी के लिए संबंधित प्रतियोगी परीक्षा की सभी किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके लिए सभी गांवों में सामूहिक जगह चौपाल या जहां भी ग्राम पंचायत लाइब्रेरी के लिए कमरा उपलब्ध करवाएगी वहां जितना भी खर्चा आएगा, उसे सरकार वहन करते हुए मॉडर्न लाइब्रेरी बनाएगी।

उन्होंने कहा कि गांवों में इस व्यवस्था के स्थापित होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को किताबें तथा कोचिंग लेने के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने गांव में ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। दुष्यंत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए यह लंबे समय से आवश्यकता थी और वे इसके लिए बतौर सांसद से लेकर अब उपमुख्यमंत्री के तौर पर निरंतर जोर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बतौर सांसद उन्होंने अपने क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल में आधुनिक लाइब्रेरी बनाई थी और अब बतौर उपमुख्यमंत्री उन्होंने जींद व उचाना हलके के गांव करसिंधु में मॉडर्न लाइब्रेरी स्थापित करने का कार्य शुरू किया है।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ना होगा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए और भी कई अहम कदम उठाने जा रही है। शिक्षा के आधारभूत ढांचे को बदलने के लिए हमें टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ना होगा और इस पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार केंद्र सरकार के मॉडल स्कूलों की तर्ज पर प्रत्येक ब्लॉक में संस्कृति मॉडल स्कूल बनाने और प्राइमरी स्कूलों को बैग फ्री करते हुए उन्हें मॉडर्न स्कूल की ओर ले जाने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाएगी।

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