मिड-डे-मील वर्कर यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

सरकारी क्षेत्र में निजीकरण पर लगे रोक

मिड-डे-मील वर्कर यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

इन्द्री में बुधवार को बीईओ राजिन्द्र प्रसाद को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपती मिड-डे-मील वर्कर यूनियन की जिला प्रधान शिमला देवी, सचिव कविता व अन्य। -निस

इन्द्री, 9 जून (निस)

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने प्रधानमंत्री के नाम पर ज्ञापन इन्द्री के खंड शिक्षा अधिकारी राजिन्द्र प्रसाद को सौंपा। मिड-डे मील वर्कर यूनियन की जिला प्रधान शिमला देवी व सचिव कविता सहित अनेक कर्मियों ने मांग रखी कि देश कोविड महामारी के दूसरी चपेट में है।

ऐसे में सरकार का कर्तव्य है कि वो जनता के स्वास्थ्य, रोजी रोटी व रोजगार का प्रंबध करे। सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए। कोरोना वैकसीन के उत्पादन को बढ़ाया जाए।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये अस्पतालों व उनमें बिस्तरों, आक्सीजन व दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएं। ज्ञापन में मांग की गई कि सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र में निजीकरण पर रोक लगे।

गैर आयकर दाताओं को 7500 रुपया प्रतिमाह नगद प्रदान किया जाए। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स, जनविरोधी तीनों कृषि कानूनों व बिजली बिल 2020 को निरस्त हो। इस मौके पर आशा जिला प्रधान सुदेश रानी, सब यूनिट इन्द्री प्रधान शंटी कांबोज, सर्व कर्मचारी संघ खण्ड प्रधान नरेश मैहला आदि मौजूद रहे।

मनरेगा मजदूरों ने बकाया वेतन को लेकर किया प्रदर्शन

कलायत (निस) : क्रान्तिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन के नेतृत्व में चौशाला के मनरेगा मजदूरों ने बकाया वेतन व काम ने मिलने को लेकर प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार हरदेव सिंह के माध्यम से बीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई के आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपने पहुंची राजबाला ने बताया कि गांव में मनरेगा के मजदूरों ने इस साल फरवरी-मार्च में मनरेगा के तहत काम किया था। मनरेगा योजना में 15 दिन में भुगतान की व्यवस्था है लेकिन चार-पांच महीने बीतने के बाद भी कुछ मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ है। अजय ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के हालातों पर गौर करें तो सरकार 100 दिनों के काम की गारंटी देने की बात करती है लेकिन हकीकत में औसतन 28-30 दिन मजदूरों को काम मिल पाता है। आज मनरेगा में काम करने के औसत दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं। संकट के दौर में बार-बार सरकार के सामने काम की गुहार लगाने के बाद भी हमें ज़रूरत के हिसाब से काम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी की यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन बीडीपीओ कार्यालय का घेराव करेगी।

मांगों को लेकर सड़क पर उतरे मिड डे मील वर्कर

करनाल (हप्र) : मिड डे मील वर्कर यूनियन द्वारा आज करनाल के सभी 6 ब्लाकों में मांगों को लेकर निदेशक शिक्षा विभाग व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। यूनियन की जिला प्रधान शिमला देवी, जिला सचिव संतोष व जिला कैशियर ओपी माटा ने कहा कि भाजपा व जजपा सरकार ने सबसे ज्यादा शोषण मिड डे मील वर्कर का किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एक झूठा ढकोसला है। भाजपा के राज में बेटियां सुरक्षित नहीं है, यह नारा एक नारा बनकर रह गया जिसको धरातल पर लागू करने में मौजूदा सरकार की कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना महामारी के दौरान कोरोना योद्धा बताया गया लेकिन सुविधा के नाम पर हरियाणा व केंद्र की सरकार ने कुछ नहीं दिया। उल्टा कोरोना काल में स्कूल बंद होने के बावजूद मिड डे मील वर्करों से 10 बजे से लेकर दो बजे तक कार्य लिया जाता है। इस दौरान करनाल में ब्लाक प्रधान मूर्ती, सचिव रीना व मिड डे मील के जिला कैशियर ओपी माटा और सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इन्द्री में शिमला देवी, नीलोखेड़ी में अनिता व सुरेश पाल, निसिंग में मुन्नी देवी व रामपति, असंध में सन्तोष व कर्मवीर शर्मा, घरौंडा में कमलेश, अंकित राणा व रमेश चन्द ने ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों ने किया एक्सईएन कार्यालय का घेराव

सिरसा (निस) : अपनी मांगों को लेकर धरनारत जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों ने बुधवार को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले विभाग के एक्सईएन आरके शर्मा के कार्यालय का घेराव किया। घेराव कार्यक्रम को लेकर काफी संख्या में पुलिस कर्मी विभाग के कार्यालय के आसपास सतर्क रहे। एक्सईएन आरके शर्मा छुट्टी पर थे। घेराव कार्यक्रम को स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ व जिला सचिव राजेश भाकर ने संयुक्त रूप से की। इस मौके पर मदनलाल खोथ ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी विभागों में अंधी पीसे कुत्ता खाए वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। यहां काम कोई कर रहा है और वेतन किसी अन्य व्यक्ति के खाते में जा रहा है। खोथ ने कहा कि न तो कच्चे कर्मचारियों की विभाग की ओर से कोई लिस्ट जारी की जा रही है और न ही कोई हाजिरी लगती है। रिकॉर्ड न होने के कारण विभाग के अधिकारी व ठेकेदार मिलकर कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। खोथ ने कहा कि जब तक एक्सईएन आरके शर्मा टेबल पर आकर कर्मचारियों से बात नहीं करेगा, तब तक कर्मचारी अपना संघर्ष बंद नहीं करेंगे। इस मौके पर ब्रांच प्रधान शिवचरण कंडारा, शिव कुमार शर्मा वरिष्ठ कर्मचारी सदस्य, हेमंत कुमार, सुुरेंद्र कुमार सचिव, अमित कुमार प्रधान सिरसा, भीम सोनी वरिष्ठ उपप्रधान, सुमित्रा रानी जिला प्रधान स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन, बलवान, राजकुमार, कृष्ण कुमार, संजय दत्त, पंकज कुमार, हरमिंद्र सिंह, अंकित जैन, सोनू, सुभाष, पवन, सुनील, छिंद्रपाल, कमल कुमार, ओमप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ कर्मचारी नेतागण उपस्थित थे।

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