कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से आह्वान किया कि वे आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके अपनाएं। रविवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में आयोजित खरीफ किसान मेले को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहर मुक्त खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाना आज के समय की बड़ी मांग है। मंत्री ने कहा कि यह मेला सावनी (खरीफ) फसलों की पूर्व तैयारी के लिए आयोजित किया गया है, ताकि किसानों को बीज और जमीन के चयन के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेत की मिट्टी की समय-समय पर जांच कराएं, उन्नत बीजों का उपयोग करें और जल संरक्षण के लिए स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई प्रणाली को अपनाएं। इससे पहले उन्होंने मेले में लगे विभिन्न विभागों जैसे मृदा एवं फसल प्रबंधन, सिंचाई, बागवानी, इफको और कृषि उपकरण बनाने वाली निजी कंपनियों के स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इनमें पटियाला से करनैल सिंह नगवां, सोनीपत से वजीर सिंह, राज सिंह कथूरा व धर्म सिंह जागसी,
कैथल से रामनाथ कठवाड़, कश्मीर सिंह बाता, राजेश बदरपुर, राजेश कुमार खेड़ी सिकंदर, अजय पाल बरसाना व बलकार सिंह, करनाल से सुरेंद्र पाल खानपुर व इंद्र शर्मा साम्भली, जींद से धर्म सिंह तैली खेड़ा और राजकुमार गोहियां शामिल हैं। इस दौरान किसानों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार यादव, उप महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार नायक और उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह मौजूद रहे।

