ठगी मामले में प्रॉपर्टी डीलर की सम्पत्ति अटैच करने के निर्देश
कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे मंत्री कृष्ण लाल पंवार
पंचायत एवं विकास विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की और 11 मामलों की सुनवाई की और इस दौरान 9 मामलों का निपटारा किया गया। इस मौके पर विधायक थानेसर अशोक अरोड़ा, शाहाबाद मारकंडा के विधायक रामकरण, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, डीसी विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, अतिरिक्त उपायुक्त पंकज सेतिया मौजूद थे। एक मामले में शिकायतकर्ता गांव रतगल निवासी जसविंद्र सिंह ने प्रॉपर्टी डीलर पर उसे बहला-फुसलाकर संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने और बाद में पैसे न देने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के दौरान पंचायत एवं विकास विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि जमीन की रजिस्ट्री करवाने के बाद कीमत अदा न करने के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए प्रॉपर्टी डीलर की संपत्ती को अटैच किया जाए। पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फूला रानी की दुकान का फिजीकल वेरीफिकेशन करके 15 दिनों में रिपोर्ट जारी करें, ताकि दुकान मालिक अपने दुकान पर आगामी कार्रवाई को अमल में ला सके। अन्य मामले में गांव रामगढ़ रोड निवासी रामेश्वर की शिकायत पर सीईओ जिला परिषद को निर्देश दिए कि 15 दिनों में गौचरांद भूमि की निशानदेही करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने गांव किरमच की ग्राम पंचायत की शिकायत की सुनवाई करके हल किया। गांधी नगर वार्ड-1 निवासी परमजीत कौर की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई से संतुष्टि व्यक्त की और पुलिस के काम की प्रशंसा भी की। पुलिस ने महिला की शिकायत पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और दूसरे प्रदेशों में बैठे अपराधियों की तलाश कर रही है। गांव अमीन निवासी बीर सिंह की शिकायत पर कहा कि अमीन जाने वाली सड़क निर्माण के लिए 9 करोड़ 27 लाख रुपए की मंजूरी विभाग को मिल चुकी है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में टेंडर हो जाएगा और 15 दिसंबर तक काम शुरू हो जाएगा। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने गांव घमूर खेडी निवासी वेद कुमार की शिकायत की सुनवाई के दौरान कहा कि पंचायती भूमि पर वर्ष 2004 से पहले रिहायश बनाकर रहने वाले नागरिकों का सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से आवेदन करवाएं।

