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पानीपत के गांव सुताना व भादड़ में 9 एकड़ में गेहूं की फसल अौर 26 एकड़ में फाने जले

गांव बिंझौल में आग से उपले व पराली जली, पशु भी झुलसा

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कलायत में खेतों में लगी आग। -निस
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ग्रामीण अंचलों में मंगलवार का दिन किसानों के लिए भारी रहा। गांव सुताना और भादड़ की सीमा पर स्थित खेतों में अचानक भड़की आग ने भारी तबाही मचाई। इस अग्निकांड में जहां 9 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जल गई, वहीं 26 एकड़ भूमि पर पड़े फसल अवशेष (फाने) भी जलकर राख हो गए। सूचना मिलते ही सुताना और भादड़ दोनों गांवों के ग्रामीण भारी संख्या में खेतों की ओर दौड़े और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से लपटों पर काबू पाया।

गांव सुताना में किसान रतना, कर्मबीर और रामफल की 3-3 एकड़ (कुल 9 एकड़) गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह जल गई। गांव भादड़ में किसान जोनी की 12 एकड़, जय सिंह की 3 एकड़, लहना सिंह की 6 एकड़ और बलबीर की 5 एकड़ (कुल 26 एकड़) फांस जलकर राख हो गई। वहीं गांव बिंझौल में किसान की पराली जली, कटड़ा झुलस गया। आग की एक अन्य घटना गांव बिंझौल में हुई, जहां किसान राज सिंह के पुत्र दरियाव सिंह के घर के पास रखे गोबर के उपलों और करीब एक एकड़ की पराली में आग लग गई। आग लगने के समय वहां पशु बंधे हुए थे। आनन-फानन में भैंसों की रस्सियां काटकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अफरा-तफरी के बीच भैंस का एक कटड़ा आग की चपेट में आने से झुलस गया। घटना में किसान के बड़ी संख्या में रखे उपले और पराली जलकर राख हो गई।

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शॉर्ट सर्किट से 20 एकड़ गेहूं की फसल स्वाहा

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कलायत (निस) : गांव बात्ता से गांव ब्राह्मणी रोड पर मंगलवार दोपहर हाईटेंशन तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी ने देखते ही देखते करीब 20 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल और 5 एकड़ फाने (अवशेष) को जलाकर राख कर दिया। पीड़ित किसान राजेश, जोगिंदर, सतेंद्र सिंह और बिट्टू ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों में अचानक जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ। फसल पूरी तरह पक कर सूखी हुई थी, जिसके कारण चिंगारी गिरते ही आग ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया और खुद भी बाल्टियों व ट्रैक्टरों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों से खेतों में घेरा बनाकर आग की लपटों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के आगे सब बेबस नजर आए। सूचना के करीब दो घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुँचीं, तब जाकर आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की मांग की।

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