Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

कैथल और राजौंद में बारिश व ओलावृष्टि से पकने को तैयार गेहूं की फसल जमीन पर बिछी

किसानों ने प्रदेश सरकार से की विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
राजौंद में ओलावृष्टि से बिछी गेहूं की फसल। -निस
Advertisement

क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि फसल पकने की स्थिति में थी और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होनी थी, लेकिन कुदरत के कहर ने फसल को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है।

राजौंद क्षेत्र में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सड़कों और गलियों में सफेद परत बिछ गई, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। किसानों के अनुसार, फसल के जमीन पर गिरने से दाने कमजोर हो जाते हैं और कटाई के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गेहूं के साथ-साथ सरसों और सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान होने की संभावना है। प्रभावित किसानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि खेतों का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए। उन्होंने मांग की है कि फसल के नुकसान का सटीक आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि इस प्राकृतिक आपदा के समय उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिल सके।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
×