कंट्रोल्ड एरिया रम्बा में एनओसी के सहारे अवैध निर्माण, डीटीपी की कार्रवाई पर सवाल
कॉलोनी काटने वालों को हरियाणा सरकार के नियमों का डर नहीं
कंट्रोल्ड एरिया रम्बा में मानो हरियाणा सरकार के नियम लागू ही नहीं हो रहे। यदि नियमों की सही तरीके से पालना करवाई जा रही होती तो करनाल-इंद्री स्टेट हाइवे-7 पर रम्बा क्षेत्र में ‘स्पीड-वे होम’ नाम से विकसित की जा रही कॉलोनी में चल रहे अवैध निर्माण को अब तक रोका जा चुका होता। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य रोकने के लिए अभी तक न तो कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार फ्री ज़ोन के नाम पर निदेशक टाउन एंड प्लानिंग विभाग से एनओसी ली गई थी, लेकिन 13 जनवरी को जिले के 96 गांवों को कंट्रोल्ड एरिया (शहरी क्षेत्र) में शामिल कर लिया गया। इनमें स्टेट हाइवे-7 पर स्थित रम्बा गांव भी शामिल है। इसके बावजूद जिस फर्म के नाम एनओसी जारी हुई थी, उससे अलग नाम ‘स्पीड-वे होम’ के तहत हाईवे किनारे प्लॉट, फार्म हाउस और विला काटे जा रहे हैं तथा निर्माण कार्य लगातार जारी है। नियमों के अनुसार, किसी क्षेत्र के कंट्रोल्ड एरिया घोषित होने के बाद कॉलोनी काटने, प्लॉटिंग या निर्माण कार्य के लिए पंजाब शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज रेस्ट्रिक्शंस ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट एक्ट, 1963 के तहत नई अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसके लिए विभाग में आवेदन कर निर्धारित फीस, ईडीसी, आईडीसी सहित अन्य शर्तों की पूर्ति करनी होती हैं, लेकिन यहां न तो नई अनुमति ली गई है और न ही इसके लिए कोई आवेदन किया गया है, जो कि हरियाणा सरकार के नियमों की खुली अवहेलना है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कॉलोनी विकसित करने वाले एनओसी को ही कंट्रोल्ड एरिया में कॉलोनी काटने का लाइसेंस मान बैठे हैं, जबकि एनओसी में स्पष्ट शर्त है कि क्षेत्र के कंट्रोल्ड घोषित होने पर दोबारा विभाग से अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। इसके बावजूद डीटीपी विभाग द्वारा अब तक न तो कॉलोनी की मैपिंग करवाई गई है और न ही अवैध निर्माण पर रोक लगाई गई है। सवाल ये भी उठ रहा है कि जब कॉलोनी अभी शुरुआती चरण में है, तो नियमों के विरुद्ध निर्माण कार्य को समय रहते क्यों नहीं रोका जा रहा? नियमों की अवहेलना करने वालों को नोटिस क्यों नहीं दिए गए और कार्रवाई में देरी के पीछे क्या कारण हैं।
रम्बा रोड पर व्यावसायिक कॉलोनी और फार्म हाउस कॉलोनी के लिए एनओसी जारी की गई थी, लेकिन अब यह क्षेत्र कंट्रोल्ड एरिया घोषित हो चुका है। ऐसे में बिना अनुमति के निर्माण कार्य और प्लॉटिंग नहीं की जा सकती। निर्माण कार्य अवैध है। जिले के 96 गांव कंट्रोल्ड एरिया में शामिल होने के बाद एरिया-वाइज जेई की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। जेई मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और नियमों की जानकारी देंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी किए जाएंगे। पंजाब शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज रेस्ट्रिक्शंस ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट एक्ट, 1963 के तहत नई अनुमति लेना अनिवार्य है। अभी तक अनुमति के लिए कोई आवेदन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है।
— गुंजन, जिला योजनाकार, करनाल

