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बागवानी ही किसानों के लिए बेहतर विकल्प : असीम घोष

एमएचयू के कुलपति ने राज्यपाल को सौंपी प्रगति रिपोर्ट, इसी वर्ष तैयार होगा यूनिवर्सिटी का मुख्य परिसर

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हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से बातचीत करते एमएचयू कुलपति सुरेश मल्होत्रा। -हप्र
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महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी (एमएचयू) के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने मंगलवार को हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से राजभवन में मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों और निर्माणाधीन मुख्य परिसर की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। राज्यपाल द्वारा मुख्य परिसर के बारे में पूछे जाने पर कुलपति ने बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसी वर्ष मैन कैंपस बनकर तैयार हो जाएगा। कुलपति ने बताया कि एमएचयू ने ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका जैसे देशों के अग्रणी बागवानी विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत एमएचयू के विद्यार्थियों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ दोहरी डिग्री हासिल करने का अवसर मिलेगा, जो उनके करियर के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। एमएचयू में विदेशी छात्र भी बागवानी की बारीकियां सीखने आ रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान हो रहा है। कुलपति ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय के फूल विभाग द्वारा तैयार मसालों के फूलों का एक विशेष सुगंधित गुलदस्ता भेंट किया।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने एमएचयू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि धान और गेहूं जैसी पारंपरिक खेती से बढ़ रहे जल संकट और ग्लोबल वॉर्मिंग के खतरे को देखते हुए बागवानी एक मजबूत विकल्प है। जिससे किसानों को सही मायनों में आय वृद्धि होगी और साथ ही देशवासियों को पोषणयुक्त फल, सब्जियां उपलब्ध होंगी। एमएचयू को ऐसी तकनीक विकसित करनी चाहिए जिससे किसानों की आय बढ़े और देशवासियों को पोषणयुक्त फल-सब्जियां मिलें। मुलाकात के दौरान कुलपति सुरेश मल्होत्रा ने राज्यपाल से विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह के आयोजन की अनुमति और तिथि को लेकर भी चर्चा की।

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