होला मोहल्ला सामाजिक समरसता, साहस और भक्ति का प्रतीक : नायब
सिरसा में आयोजित नामधारी समाज का भव्य समागम
मुख्यमंत्री ने नामधारी समाज के त्याग और कूका आंदोलन के बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रविवार को सिरसा जिले के सुप्रसिद्ध नामधारी गुरुद्वारा, श्री जीवन नगर में आयोजित भव्य 'होला मोहल्ला' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त किया और देश-विदेश से आई भारी संख्या में नामधारी संगत को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के सान्निध्य में आकर उन्हें आत्मिक शांति और समाज सेवा की नई प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने होला मोहल्ला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पावन पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह हमें जीवन में साहस और भक्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संत दिलीप सिंह महाराज के चरणों में नमन करते हुए कहा कि संत समाज प्रेम और भाईचारे के माध्यम से मानवता को जोड़ने का महान कार्य कर रहा है।
नामधारी समाज के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सतगुरु राम सिंह महाराज द्वारा शुरू किया गया 'कूका आंदोलन' भारत के स्वतंत्रता संग्राम की एक ऐसी गाथा है, जो हमें आज भी राष्ट्र के प्रति सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि नामधारी पंथ का इतिहास त्याग, तपस्या और बलिदान की मिसाल है। इस अवसर पर सांसद रामचंद्र जांगड़ा, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, सरदार जसपाल सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज, जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह, जगदीश चोपड़ा और देव कुमार शर्मा सहित नामधारी संगत के अनेक श्रद्धालु व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
'सरबत दा भला' और सरकार की नीतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चल रही है। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा नामधारी पंथ के ‘सरबत दा भला’ (सबका भला) और निस्वार्थ मानव सेवा के सिद्धांतों के बिल्कुल अनुरूप है। सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

