सोमवार को हुई बरसात ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। सोमवार सुबह से हुई बरसात के कारण जहां खेतों में खड़ी किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं पर अनाज मंडी में लगे धान के ढेर भी पानी के कारण भीग गए। बदलते मौसम को देखते हुए मार्केट कमेटी ने धान पर तीरपाल गिराकर सुरक्षा के प्रबंध किए थे। परंतु बरसात के कारण वह सभी प्रबंध अधूरे साबित हुए। मार्केट कमेटी के सचिव चंद्र सिंह ने बताया कि लगभग 60 हजार क्विंटल से भी अधिक धान मंडी में पड़ा हुआ है। बरसात के कारण शैड से बाहर पड़े धान के ढेर को बरसात ने अपनी चपेट में ले लिया। केवल शैड के नीचे लगी धान की ढेरियां ही बच सकी। वहीं अनाज मंडी के आढ़ती राकेश बधवार ने बताया कि अनाज मंडी में पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। जिस कारण बरसात का पानी मंडी में ही खड़ा हो गया। जिसके कारण धान को भारी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं अभी से ही धान से दुर्गंध भी आने लगी है। इससे जहां किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है वहीं पर व्यापारियो को भी हानि हुई है। उन्होंने बताया कि सेलर मालिकों ने धान खरीद बंद की हुई है। वह अपनी मांगों को लेकर धान नहीं खरीद रहे। वहीं पर पता चला है कि अभी तक सरकारी एजेंसियां भी खरीद के लिए मैदान में नहीं उतरी । चंद प्राइवेट व व्यापारियों ने ही धान की खरीद की थी। वह माल भी बरसात के कारण भीग गया।
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