'हरियाणा की पक्षी विविधता अमूल्य प्राकृतिक धरोहर'
कुवि में हरियाणा की पक्षी विविधता एवं संरक्षण पर व्याख्यान आयोजित
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के अंतर्गत ईको क्लब द्वारा हरियाणा की पक्षी विविधता एवं उसका संरक्षण विषय पर पर्यावरण विस्तार व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल स्टडीज के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि हरियाणा की पक्षी विविधता हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जो प्रदेश की पारिस्थितिक संतुलन प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि झीलें, आर्द्रभूमियां, वन क्षेत्र एवं कृषि परिदृश्य अनेक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों को आश्रय प्रदान करते हैं। यदि इन प्राकृतिक आवासों का संरक्षण नहीं किया गया तो जैव-विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य वक्ता मेजर जनरल अरविंद यादव ने हरियाणा में पाई जाने वाली विभिन्न पक्षी प्रजातियों, उनके प्राकृतिक आवास, प्रवास चक्र, प्रजनन व्यवहार तथा संरक्षण की चुनौतियों पर विस्तृत एवं तथ्यात्मक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में अनेक प्रवासी पक्षी दूर-दराज़ देशों से हरियाणा की आर्द्रभूमियों में आते हैं, जो प्रदेश की पारिस्थितिक समृद्धि का प्रतीक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. एआर चौधरी ने की। मंच का संचालन प्रो. दीपक राय बब्बर ने किया व अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मीनाक्षी सुहाग ने किया। इस अवसर पर प्रो. ब्रजेश साहनी, प्रो. ओमवीर, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. पूजा, डॉ. अतुल यादव मौजूद रहे।

