Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

हरियाणा कमेटी सेवा भावना से भटककर केवल 'चौधर' की लड़ाई में उलझी : धामी

एसजीपीसी के अध्यक्ष ने एचएसजीपीसी पर साधा निशाना

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
कुरुक्षेत्र में एसपी को ज्ञापन सौंपते एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी व अन्य। -निस
Advertisement
मीरी-पीरी संस्थान में 20 मार्च के घटनाक्रम के विरोध में आयोजित विशाल रोष प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी सेवा के मार्ग से भटककर आपसी वर्चस्व और 'चौधर' की जंग में फंस गई है, जिसका सीधा नुकसान प्रदेश की सिख संगत को हो रहा है।

एडवोकेट धामी ने दोनों संस्थाओं की कार्यक्षमता की तुलना करते हुए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य रखे कि शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के निर्माण और संचालन के लिए एसजीपीसी अब तक 145 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। हालिया बजट में भी 8 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इसके विपरीत, हरियाणा कमेटी का कुल वार्षिक बजट ही मात्र 103 करोड़ रुपये है। आपसी फूट के कारण कमेटी अभी तक अपना बजट तक पास नहीं कर पाई है। धामी ने कहा कि जो कमेटी अपने अधीन गुरुद्वारों और संस्थानों की समुचित सेवा-संभाल नहीं कर पा रही, वह मीरी-पीरी जैसे विशाल संस्थान की जिम्मेदारी उठाने का दावा कैसे कर सकती है? सरकारी संरक्षण को प्राथमिकता देने का ही परिणाम है कि यह कमेटी आज तक स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाई।

Advertisement

अकाल तख्त साहिब बनाम सरकारी सरपरस्ती

Advertisement

धामी ने वर्ष 2014 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने तत्कालीन नेताओं को सुझाव दिया था कि कमेटी को अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में बनाया जाए, लेकिन उन्होंने सरकार के संरक्षण को चुना। धामी ने आरोप लगाया कि चुनावों में हार चुके व्यक्तियों को सरकार द्वारा नामित कर कमेटी में शामिल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जल्द एनओसी जारी करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने बलजीत सिंह दादूवाल पर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारें अपने स्वार्थ के लिए ऐसे व्यक्तियों को आगे करती हैं। 20 मार्च को जिस तरह संगत ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया, वह इस बात का प्रमाण है कि संगत जागरूक हो चुकी है। उन्होंने सलाह दी कि यदि हरियाणा कमेटी वर्तमान समस्याओं का समाधान चाहती है, तो उसे अकाल तख्त साहिब के अधीन रहकर कार्य करना चाहिए।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, दादूवाल पर कार्रवाई की मांग

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मंगलवार को शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हजारों की संख्या में जुटी सिख संगत के साथ कुरुक्षेत्र के एसपी चंद्र मोहन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 20 मार्च को संस्थान पर कथित कब्जे की कोशिश करने वाले बलजीत सिंह दादूवाल और उनके समर्थकों पर एफआईआर दर्ज करने तथा एसजीपीसी समर्थकों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द करने की मांग की गई।

एडवोकेट धामी ने 20 मार्च के घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि हरियाणा की संगत ने संस्थान की मर्यादा की रक्षा की है। उन्होंने हैरानी जताई कि पुलिस ने कब्जा करने आए लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क और बलदेव सिंह कायमपुरी समेत करीब 20 समर्थकों पर मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। बलजीत सिंह दादूवाल जैसे लोगों पर लगाम कसना पुलिस की जिम्मेदारी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मैं संगत से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और कानून हाथ में न लें। एसपी चंद्र मोहन ने संगत को आश्वस्त किया कि पुलिस निष्पक्ष रूप से कानूनी कार्रवाई करेगी। मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है और जो भी कानूनी निर्णय होगा, उसे लागू किया जाएगा। इस मौके पर एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, बलदेव सिंह कायमपुरी, हरकेश मोहड़ी और जगदेव सिंह गाबा सहित हरियाणा कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची संगत

एसजीपीसी अध्यक्ष के आगमन को लेकर जिला पुलिस सुबह से ही अलर्ट मोड पर रही। मीरी-पीरी संस्थान के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात रहा और खुफिया विभाग भी सक्रिय रहा। इस विरोध प्रदर्शन में हरियाणा के अलग-अलग जिलों से सिख संगत पहुंची। ट्रस्ट के सीईओ संदीप इंद्र सिंह चीमा ने बताया कि रोष प्रदर्शन के लिए पंडाल नए भवन के सामने लगाया गया था, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई असुविधा न हो।

Advertisement
×