'राइस मिलों से धान वापस उठाए सरकार'
फूड एंड सप्लाई, हैफेड व जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा धान का कई-कई बार फिजिकल वेरिफिकेशन कराए जाने से नाराज राइस मिलर्स ने मिलिंग से इनकार कर दिया। जिला राइस मिल एसोसिएशन ने शुक्रवार को अनाज मंडी प्रताप नगर में मीटिंग के बाद पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। एसोसिएशन ने कहा कि सरकार व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर रही है। एसोसिएशन ने इस संबंध में पूर्व मंत्री कंवरपाल, बिजली आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग, डीएफ़एससी यमुनानगर समेत कई अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। शुक्रवार को अनाज मंडी प्रताप नगर में जिला यमुनानगर के राइस मिलर्स की एक मीटिंग आयोजित की गई।
मीटिंग के बाद पत्रकारों से से राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान मानिक बंसल ने कहा कि धान खरीद के दौरान मंडी आढ़ती व मिलर्स सरकार का हर तरह से सहयोग करते रहे हैं, लेकिन सरकार व अधिकारी राइस मिलर्स के साथ मनमानी कर रहे हैं। नियम के अनुसार सरकार से लिए धान का सीजन में एक बार 15 नवंबर तक फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाता है, लेकिन मौजूदा सीजन में कई-कई बार अलग-अलग अधिकारियों द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन कर मिलरों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दबाव में व्यापारी काम करने में असमर्थ हैं। सरकार राइस मिलों में रखा धान वापस उठाए।
एसोसिएशन के प्रदेश उप प्रधान प्रवीण बटार ने कहा कि जिले में लगभग 150 राइस मिल हैं। मौजूदा सीजन में मिलों की 3-4 बार वेरिफिकेशन की जा चुकी है। सरकार द्वारा मिलर्स को दिए धान में से 7 से 8% तक तो सूख जाती है। जिसका खामियाजा भी व्यापारी को भुगतना पड़ता है। सरकार के पास चावल को रखने के लिए जगह नहीं है। आस पड़ोस के यूपी जैसे राज्यों या अन्य जिलों में धान की डिलीवरी की जाती है। उसका किराया भी व्यापारी को नहीं दिया जाता। बटार ने आरोप लगाया कि मौजूदा माहौल में धान की मीलिंग करना कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही व्यवहार रहा तो सरकार के साथ काम करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार राइस मिलों में रखे अपने धान को वापस ले जाये। कोई भी व्यापारी मौजूदा नियमों के मुताबिक मिलिंग के लिए तैयार नहीं है। राइस मिल एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि जिले की कोई भी राइस मिलर अब काम नहीं करेगा। मीटिंग में गुरमीत सांगवान, छछरौली से गौरव शर्मा, जगाधरी से मनीष कुमार, रंजीतपुर से नरेश राणा, प्रतापनगर के प्रधान प्रवीण अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, बलिंदर सिंह बिट्टू, साढौरा से अरविंद अग्रवाल, अजय अग्रवाल मौजूद रहे।
