कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने विधानसभा सत्र के दौरान किसानों के लिए नरमा बीटी-5 बीज की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हरियाणा को कृषि प्रधान प्रदेश कहा जाता है, लेकिन जब तक किसानों को उच्च श्रेणी के बीज उपलब्ध नहीं करवा सकते, तब तक यह कहने का औचित्य नहीं बनता। उन्होंने बताया कि 2012 में बीटी-2 बीज आया था। उसके बाद आॅस्ट्रेलिया, अमेरिका, चीन जैसे देशों में बीटी 6 बीज आ चुके हैं, जबकि हमारे पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, जिन्हें हम गरीब देश की संज्ञा देते हैं, वहां भी अब बीटी 5 बीज किसानों को उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि बीटी-2 में जहां 15-20 बार कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी 10 से 15 मन प्रति एकड़ ही फसल हो पा रही है, जबकि बीटी-5 के बीज से कीटनाशक के मात्र 2 छिड़काव में ही किसान 35 से 40 मन प्रति एकड़ फसल ले सकते हैं, इसलिए किसानों को यह उन्नत बीज उपलब्ध करवाएं, ताकि उनकी फसलों की पैदावार बढ़े और किसान खुशहाल हो। उन्होंने कहा कि हरियाणा में नरमा-कपास और धान 2 प्रमुख फसलें हैं। हरियाणा की 60 से 75 प्रतिशत भूमि जिनमें फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, भिवानी, दादरी आदि क्षेत्र हैं, वहां नरमा/कपास की खेती होती है। सरकार एक तरफ धान की फसल की कम बिजाई करने और नरमे के प्रति प्रोत्साहित करने की बात कहती है और यह भी कहती है कि धान छोड़कर नरमा लगाने वाले किसान को 7 हजार प्रति एकड़ देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को 7 हजार रुपये की सब्सिडी न दे, बल्कि किसानों को बीज बीटी-5 उपलब्ध करवाए, ताकि किसान खुशहाल बन सके।

